भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला: किसानों के लिए ‘मौत की घंटी’

पंजाब कांग्रेस नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजारों में आ जाएंगे

Update: 2026-02-06 16:50 GMT

भूपेश बघेल का दावा- 2029 में राहुल गांधी सरकार बहाल करेगी मनरेगा

  • मोदी-ट्रंप समझौते पर कांग्रेस नेताओं की तीखी आलोचना, कहा देशहित से समझौता
  • एपस्टीन फाइलों पर भाजपा की चुप्पी पर कांग्रेस का तंज
  • प्रताप सिंह बाजवा की चेतावनी- कपास आयात से तबाह होगी कृषि व्यवस्था

जंडियाला गुरु (अमृतसर)। पंजाब कांग्रेस नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजारों में आ जाएंगे, जो देश के किसानों के लिए "मौत की घंटी" साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में झुक गए हैं और देश के हितों के खिलाफ शर्तें मानने के लिए मजबूर हुए हैं।

यहां 'मनरेगा बचाओ संग्राम' रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया कि जैसे प्रधानमंत्री मोदी को तीन विवादित कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था, उसी तरह कांग्रेस पार्टी उन्हें मनरेगा बहाल करने के लिए भी मजबूर करेगी।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि यदि भाजपा सरकार मनरेगा बहाल नहीं करती, तो 2027 में पंजाब में बनने वाली कांग्रेस सरकार गरीब मजदूरों के लिए विशेष प्रबंध करेगी, ताकि उन पर इसके खत्म होने का असर न पड़े। उन्होंने कहा कि 2029 में केंद्र में श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में बनने वाली कांग्रेस सरकार मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करेगी। श्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह समझौते कर चुके हैं और जितना ज्यादा समय वह सत्ता में रहेंगे, देश के लिए उतना ही खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि वह जितनी जल्दी सत्ता छोड़ें, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने अफसोस जताया कि श्री मोदी के दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति ही यह तय करता है कि भारत कहां से तेल खरीदे और 'ऑपरेशन सिंदूर' कब रोका जाए।

इस दौरान श्री बघेल ने एपस्टीन फाइलों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेता इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल फाइल्स' जैसी फिल्मों का जश्न मनाते हैं, लेकिन एपस्टीन फाइलों पर खामोश हैं, क्योंकि इनमें प्रधानमंत्री मोदी और हरदीप पुरी के नाम दर्ज हैं।

इस दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को पंजाब में मनरेगा योजना लागू करने में असफल रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जहां श्री मोदी ने अब यह योजना खत्म कर दी है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान भी असफल रहे हैं, क्योंकि पंजाब में इस योजना के तहत बहुत कम काम दिया जा रहा था।

वड़िंग ने श्री गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बातचीत को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के लिए भाजपा नेताओं की निंदा की। उन्होंने कहा कि वह उस समय मौजूद थे, जब श्री गांधी ने बिट्टू को अपने "गद्दार दोस्त" के रूप में संबोधित किया था। उन्होंने भाजपा पर इस मामले को धार्मिक रंग देने और श्री गांधी पर सिखों की बेइज्जती करने के आरोप लगाने की कोशिश करने के लिए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिट्टू खुद कई बार कह चुके हैं कि उसने श्री गांधी के कहने पर पगड़ी पहननी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि श्री गांधी को सिख धर्म पर पूरा विश्वास और सम्मान है और वह दरबार साहिब में सेवा भी कर चुके हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर इस मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर लोगों का ध्यान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से हटाने की कोशिश कर रही है, जिसमें मोदी ने पूरी तरह अमेरिका के सामने झुककर देश के किसानों के हितों से समझौता किया है।

वहीं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अमेरिका, यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ हो रहे व्यापार समझौतों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका से कपास आयात करने से देश में कपास के दाम गिर गए हैं, जिससे कपास उत्पादक किसान प्रभावित हुए हैं। अगर आयात शुल्क शून्य हो गया तो यह देश की कृषि व्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर देगा।

श्री बाजवा ने मध्य एशिया और यूरोप के साथ व्यापार के लिए वाघा सीमा खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और जब तक आम आदमी पार्टी सरकार सत्ता छोड़ेगी, तब तक पंजाब का कर्ज पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

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