जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या, गुरुद्वारे के बाहर चली गोलियां
पंजाब के जालंधर शहर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई
बाइक सवार हमलावरों ने दागे 10 राउंड, पांच गोलियां लगीं ओबेरॉय को
- दो दिन में दो AAP नेताओं की हत्या, पंजाब की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
- गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, इलाज के दौरान तोड़ा दम
- तरनतारन के बाद जालंधर में वारदात, राजनीतिक हिंसा से दहला पंजाब
जालंधर। पंजाब के जालंधर शहर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर उस समय हुई जब ओबेरॉय माथा टेककर अपनी थार गाड़ी की ओर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक पर सवार दो हमलावरों ने उन पर करीब आठ से दस राउंड फायरिंग की, जिसमें पांच गोलियां उनकी छाती और सिर में लगीं।
गंभीर रूप से घायल ओबेरॉय को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वारदात सुबह करीब 8:15 बजे हुई। हमलावरों ने ओबेरॉय की गाड़ी को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जांच जारी है।
लक्की ओबेरॉय पहले पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ चुके थे और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी पत्नी भी आम आदमी पार्टी की ओर से नगरपालिका चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब एक दिन पहले ही तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द में AAP के सरपंच गुरभेज सिंह की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में आरोपी कोई और नहीं बल्कि पार्टी से जुड़े पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह हैं, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
शरनजीत सिंह पहले कांग्रेस के कार्यकाल में सरपंच रह चुके हैं और बाद में उन्होंने AAP ज्वाइन की थी। पंचायती चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी से टिकट मांगा था, लेकिन गांव वालों की सहमति से गुरभेज सिंह को उम्मीदवार चुना गया था। इसी विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।
दो दिन में दो AAP नेताओं की हत्या ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पंजाब के जालंधर शहर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर उस समय हुई जब ओबेरॉय माथा टेककर अपनी थार गाड़ी की ओर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक पर सवार दो हमलावरों ने उन पर करीब आठ से दस राउंड फायरिंग की, जिसमें पांच गोलियां उनकी छाती और सिर में लगीं।
गंभीर रूप से घायल ओबेरॉय को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वारदात सुबह करीब 8:15 बजे हुई। हमलावरों ने ओबेरॉय की गाड़ी को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जांच जारी है।
लक्की ओबेरॉय पहले पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ चुके थे और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी पत्नी भी आम आदमी पार्टी की ओर से नगरपालिका चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब एक दिन पहले ही तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द में AAP के सरपंच गुरभेज सिंह की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में आरोपी कोई और नहीं बल्कि पार्टी से जुड़े पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह हैं, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
शरनजीत सिंह पहले कांग्रेस के कार्यकाल में सरपंच रह चुके हैं और बाद में उन्होंने AAP ज्वाइन की थी। पंचायती चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी से टिकट मांगा था, लेकिन गांव वालों की सहमति से गुरभेज सिंह को उम्मीदवार चुना गया था। इसी विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।
दो दिन में दो AAP नेताओं की हत्या ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।