पंजाब : विधानसभा से जीएसटी बिल सर्वसम्मति से हुआ पारित
पंजाब विधानसभा में आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया।
वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने जीएसटी बिल को पेश किया जिसे समूचे विपक्ष ने कुछ सुझावों के साथ पारित कर दिया।
श्री बादल ने सदन को आश्वासन दिया कि इससे पंजाब को कोई घाटा नहीं होगा। जहां तक वित्तीय स्वायत्तता का मामला है तो वो केंद्र ने भी छोड़ी है।
जीएसटी काउंसिल राज्यों के नुकसान की भरपाई करने की बात कर चुका है। इससे वस्तुओं की कीमतें नहीं घटेंगी।
उन्होंने कहा कि कृषि मामले में फर्टीलाइजर से लेकर अन्य इनपुट का दाम भी नहीं बढेगा तथा इंडस्ट्री अपने पैरों पर खड़ी होगी।
सदन में जीएसटी को लेकर बहस के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसी के साथ पंजाब जीएसटी बिल का अनुमोदन करने वाला देश का 28वां राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि देश के 27 राज्यों ने इसे पास कर दिया है और तीन अभी करने वाले हैं। इस टैक्स से केंद्र तथा राज्य में समान कर व्यवस्था लागू होगी।
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने रेत तथा खनन मामले पर काम रोको प्रस्ताव रखने की मांग की जिसे विस अध्यक्ष राणा के. पी . सिंह ने मंजूरी नहीं दी जिसके विरोध में अकाली दल के सदस्य आसन के समीप पहुंचकर हंगामा करने लगे और बाद में सदन से वाकआउट कर गये।
विपक्ष के नेता एच एस फूलका ने पार्टी के सदस्य सुखपाल खैहरा के निलंबन पर पुर्नविचार का अध्यक्ष से आग्रह किया लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया जिसके विरोध में श्री फूलका वाकआउट कर गये और उनकी पार्टी के सदस्यों ने काले फीते बांधकर विरोध दर्ज करते हुये कार्यवाही में भाग लिया।