जनसेवा केंद्रों पर बिजली का बिल जमा करने की पहल शुरू

 मुरादनगर अब ग्रामीणों को बिजली का बिल जमा करने के लिए शहर की तरफ दौड़ने की आवश्यकता नहीं है।

Update: 2017-02-22 17:54 GMT

गाजियाबाद।  मुरादनगर अब ग्रामीणों को बिजली का बिल जमा करने के लिए शहर की तरफ दौड़ने की आवश्यकता नहीं है। बिजली विभाग ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव के जनसेवा केंद्रों पर ही बिजली का बिल जमा करने की पहल शुरू की है। मार्च माह में ग्रामीण अपना बिजली का बिल जनसेवा केंद्रों पर ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। 

अधिकांश गांवों में बिजली के मीटर लगे हुए नहीं हैं। ग्रामीणों को बिना मीटर के एक किलोवाट के कनेक्शन पर प्रतिमाह करीब 216 रुपए का बिल जमा करना पड़ता है। बिजली विभाग द्वारा मेरठ से तय कीमत के अनुसार बिजली बिलों की छपाई करवाकर ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं को दी जाती है। जिसके बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जमा करने के लिए मुरादनगर बिजली घर में आकर कतार में लगना पड़ता है।

कई बार लंबी लाइन होने के कारण ग्रामीण बिना बिल जमा किए ही घर लौट जाते हैं। लेकिन, अब बिजली विभाग ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए बिजली का बिल जमा करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब ग्रामीण गांव में ही जनसेवा केंद्रों पर बिजली का बिल जमा करा सकेंगे। साथ ही ग्रामीणों को अब बिजली के बिल पुराने छपे हुए नहीं, बल्कि विभाग के कर्मचारियों द्वारा एसबीएम मशीन से निकालकर दिए जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीणों को बिल जमा करने के लिए मुरादनगर बिजली घर पर अलग से दो काउंटर बनाए जाएंगे।

बिजली विभाग की इस पहल से करीब 15 हजार से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
कैशलेस की सुविधा शुरू

बिजली विभाग ने शहरी व ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सोमवार को कैशलेस बिजली का बिल जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बिजली घर में नकदी रहित बिल जमा करने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। उपभोक्ता डेबिट कार्ड के माध्यम से स्वाइप मशीन में बिजली का बिल जमा कर सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में लगेंगे मीटर

अधिकांश गांवों में बिजली के मीटर लगे हुए नहीं है। उपभोक्ता बिजली का प्रयोग कम करें या अधिक, लेकिन बिल प्रतिमाह 216 रुपए ही चुकाना पड़ता है। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए बिजली विभाग ने गांवों में मीटर लगवाने की पहल शुरू की है।

एक्सईएन राकेश वार्ष्णेय ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में मीटर लगवाने के लिए ठेका हो गया है। मार्च माह से ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के मीटर लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बाद मीटर की रीङ्क्षडग के अनुसार ही ग्रामीणों को बिल चुकाना होगा।

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