मप्र के उप-चुनाव के दौरान हिंसा रोकना बड़ी चुनौती

मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप-चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका बनी हुई है और उसका एहसास मतदान के एक दिन पहले से नजर भी आने लगा है

Update: 2020-11-03 00:14 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप-चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका बनी हुई है और उसका एहसास मतदान के एक दिन पहले से नजर भी आने लगा है। दोनों ही राजनीतिक दल इस पर चिंता जता रहे हैं। किसी भी तरह की हिंसक वारदात को रोकना पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती है। प्रदेश के 19 जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को मतदान होने वाला है। इनमें ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटे हैं, यहां की लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जीत के लिए किसी भी हद पर जाने को तैयार हैं।

जिन 28 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं उनमें से दो स्थानों बदनावर व ग्वालियर से मारपीट की खबरे आई हैं। बदनावर में चार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इतना ही नहीं मतदान के पहले की रात दोनों ही दल मतदाता को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी मतदान से पहले पैसा और शराब बांटने के आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि, "भाजपा ने पैसों और शराब का उपयोग करना शुरू कर दिया है, किस प्रकार खुलेआम पैसा बांटा जा रहा है, शराब बांटी जा रही है, किस तरह प्रशासन और पुलिस का उपयोग किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा पिट रही है।"

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कांग्रेस पर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि, "भाजपा के कार्यकर्ताओं पर दो स्थानों बदनावर और ग्वालियर में प्राणघातक हमले हुए, उनको धमकी देने का प्रयास किया गया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश में कांग्रेस की जमीन खिसक गयी है और उसके पास कुछ बचा नहीं है। इसी बौखलाहट के चलते अनर्गल बयानबाजी कर कांग्रेस गुंडागर्दी पर उतर आयी है। जो भी आपराधिक तत्व उपचुनाव में बाधा उत्पन्न करते हैं, उनके खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्यवाही करे। कांग्रेस की इस मानसिकता का जवाब भाजपा कार्यकर्ता 3 नवंबर को अपनी अथक मेहनत के साथ देंगे।"

वहीं उप-चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अर्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा एसएएफ की 30 कंपनियों को अतिरिक्त सुरक्षा के लिए लगाया गया है। राज्य में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा।

अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि, "उप चुनाव में तीन नवंबर को कुल 9 हजार 361 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। मतों की गणना 10 नवम्बर को संबंधित विधानसभा क्षेत्र या जिला मुख्यालय पर होगी। उप निर्वाचन में कुल 355 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान के लिये 13 हजार 115 बैलेट यूनिट, 13 हजार 115 कंट्रोल यूनिट एवं 14 हजार 50 वीवीपेट जिलों में उपलब्ध कराई गई हैं। आयोग द्वारा मतदाताओं को मतदान पर्ची उपलब्ध कराई गई है।

Full View

Tags:    

Similar News