योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: प्रदेश के 11.92 लाख शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सुविधा

उत्तर प्रदेश के शिक्षक भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह योजना आयुष्मान भारत मॉडल के माध्यम से लागू की जाएगी और इसके क्रियान्वयन पर सरकार को 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

Update: 2026-01-29 09:14 GMT

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरा फैसला लिया गया। अब उत्तर प्रदेश के शिक्षक भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह योजना आयुष्मान भारत मॉडल के माध्यम से लागू की जाएगी और इसके क्रियान्वयन पर सरकार को 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। यह फैसला लंबे समय से शिक्षकों की मांग रही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

राज्य कर्मचारियों की तरह मिलेगी सुविधा

कैबिनेट बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के लागू होने के बाद शिक्षक बिना नकद भुगतान किए सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में शिक्षकों को आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी राहत

कैबिनेट ने इसी बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी। इस फैसले से 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी पहले से ही किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना, जैसे आयुष्मान भारत योजना, के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें इस नई सुविधा का दोहरा लाभ नहीं दिया जाएगा।

शिक्षक दिवस पर की गई घोषणा अब हुई साकार

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। इसके बाद संबंधित विभागों ने इस योजना को आयुष्मान मॉडल पर लागू करने की तैयारी शुरू की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ यह घोषणा धरातल पर उतरने की ओर बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह योजना पूरी तरह कैशलेस होगी और चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।

कैबिनेट में 30 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। केवल 14वां और 17वां प्रस्ताव फिलहाल रोके गए हैं, जिन पर आगे विचार किया जाएगा।

शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को हरी झंडी

कैबिनेट बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास को बढ़ावा देना और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाना है। इसके तहत नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा ताकि लोग स्वेच्छा से नक्शा पास कराएं। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू की जाएंगी। डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए शहरी विकास को गति दी जाएगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क व नक्षत्रशाला, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने बरेली और मुरादाबाद में, विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला (प्लैनेटेरियम) की स्थापना को मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और दोनों शहर शिक्षा व पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरेंगे।

आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। बहराइच जिले के राजस्व ग्राम परतापुर सहित अन्य गांवों में आपदा से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए भूमि और आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि एक घटना में 29 लोग नदी पार कर रहे थे, जिनमें से 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण कराया गया और पुनर्वास की योजना तैयार की गई।

136 परिवारों को मिलेगा आवास और भूमि पट्टा

सरकार के फैसले के तहत 136 प्रभावित परिवारों को जमीन का पट्टा दिया जाएगा। उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलेगा। साथ ही, खेती की आवश्यकता के अनुसार कृषि भूमि का पट्टा भी प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवार आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार का कहना है कि पुनर्वास केवल आवास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आजीविका के स्थायी साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार की प्राथमिकता: कल्याण और सुरक्षा

कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि योगी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और आपदा प्रबंधन—चारों क्षेत्रों में एक साथ काम कर रही है। विशेष रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय सरकार की कल्याणकारी और संवेदनशील नीति को दर्शाता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी, ताकि लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

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