जमीन का मुआवजा पाने भटक रहा गरीब किसान

जिले की खरसिया तहसील की ग्राम पंचायत बिजकोट निवासी 38 वर्षीय छत्तर प्रसाद डनसेना लंबे अरसे से यहां से वहां आवेदन लेकर भटक रहा है

Update: 2017-06-22 17:38 GMT

एसकेएस पावर प्लांट में अधिग्रहित की गई थी जमीन
रायगढ़। जिले की खरसिया तहसील की ग्राम पंचायत बिजकोट निवासी 38 वर्षीय छत्तर प्रसाद डनसेना लंबे अरसे से यहां से वहां आवेदन लेकर भटक रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। 
 परेशान ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कंपनी एस के एस पावर प्लांट में गई जमीन का मुआवजा सिंचित भूमि के हिसाब से देने की मांग कर रहा है, लेकिन उसे मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। किसान ने बताया कि उक्त जमीन में नलकूप लगाया गया था एवं विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन भी कराया गया था।

उक्त भूमि दो फसली योग्य है एवं कई तरह के पेड़ हैं जो की काफी पुराने व बड़े पेड़ हैं उक्त भूमि की कंपनी अधिग्रहण के समय सिंचित भूमि के रूप में प्रकरण बनाया गया था जिसकी प्रकरण संख्या 12/अ, 82/2010-11 जिसके ख.नं. 118/2 जिसमे भूमि नंबर 194/4 को भी सिंचित भूमि बताया गया था परंतु मुआवजा के समय असिंचित भूमि की हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा था, जिसकी शिकयत इसके पूर्व भी अनुभागीय अधिकारी खरसिया, पूर्व कलेक्टर से कई बार फरियाद कर चुके हैं।

उक्त जमीन का अनुभागीय अधिकारी खरसिया द्वारा पटवारी को जाँच का आदेश दिया गया था जो कि सिंचित भूमि पाया गया  जिसका पंचनामा पंच व कोटवार द्वारा भी बनाया गया जिसके हिसाब से आज तक किसान को उचित मुआवजा नहीं मिला है। अनुभागीय अधिकारी खरसिया द्वारा पटवारी रिपोर्ट को अनदेखी की जा रही है, जिससे किसान अत्यधिक पीड़ित है। पीड़ित किसान ने बताया कि आज जनदर्शन में कलेक्टर से गुहार लगा उक्त जमीन का सही मुआवजा राशि दिलवाने की मांग की।

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