कंगना रनौत के 'जेन जी' और 'गटर जेनरेशन' वाले बयान पर भड़का विपक्ष, कहा- उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के 'जेन जी' और 'गटर जेनरेशन' संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कई सवाल उठाए हैं।;
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के 'जेन जी' और 'गटर जेनरेशन' संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कई सवाल उठाए हैं।
आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, "कंगना रनौत को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्हें छात्रों के अधिकारों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों की समझ नहीं है। वह इस तरह की बयानबाजी के जरिए बार-बार अपनी सोच जाहिर करती रहती हैं।"
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, "कंगना संसद की सदस्य जरूर हैं, लेकिन जब उनकी अपनी पार्टी भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती, तो आम जनता उन्हें कैसे गंभीरता से लेगी। वह एक सफल अभिनेत्री हो सकती हैं, लेकिन सांसद के रूप में उनके कई राजनीतिक बयान विवादों में रहे हैं। वह सुभाष चंद्र बोस को देश का पहला प्रधानमंत्री बता चुकी हैं और यह भी कह चुकी हैं कि भारत को 2014 में आजादी मिली। ऐसे में उनके बयानों को गंभीरता से लेने का कोई कारण नहीं है।"
समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भी कंगना की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ''फिल्मों में सफल होना और राजनीति की गहरी समझ होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। कंगना की राजनीतिक समझ बहुत सीमित है। पार्टियां चुनाव जीतने के लिए कभी-कभी फिल्मी सितारों को उम्मीदवार बना देती हैं, पर इसका मतलब यह नहीं कि उनके पास राजनीतिक समझ भी हो। भाजपा सरकार में ऐसे लोगों को सिर्फ नाम के लिए पद दिए जाते हैं, असली काम पार्टी खुद करती है। उनके बयानों को उनके राजनीतिक अनुभव के हिसाब से ही देखा जाना चाहिए।''
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कंगना रनौत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''छात्रों को सीख देने से पहले कंगना को अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में बताना चाहिए। शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करते समय तथ्यों और जिम्मेदारी का ध्यान रखना जरूरी होता है।''
यह पूरा विवाद कंगना रनौत के उन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिनमें उन्होंने नई पीढ़ी और कुछ भारतीय महिलाओं पर तीखी टिप्पणी की थी। कंगना ने अपने पोस्ट में कहा, ''आज वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी देखने को मिली। मैं इन्हें 'गटर जेनरेशन' कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।''
उन्होंने आगे लिखा, ''इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि असलियत में वह आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात बता दूं कि आजाद जीवन के लिए कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, 'गटर छाप'।''
पोस्ट में कंगना ने जेन जी की परवरिश पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा, ''मैंने पूरी जिंदगी कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। जेन जी के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो देखकर घिन आती है इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर वीडियो परेशान करने वाली है कि देखकर घिन आती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?''