पेंशन संबंधी जानकारी अब मिल सकेगी तुरंत
बिलासपुर ! भारतीय रेलवे अपने 14.5 लाख सेवा निवृत रेलकर्मियों के लिये रेलवे पेंशन की सुविधा प्रतिमाह देता है। इन्ही 14.5 लाख कार्मियों की सुविधा एवं पेंशन उपलब्ध कराने वाली बैंको व रेलवे;
बिलासपुर ! भारतीय रेलवे अपने 14.5 लाख सेवा निवृत रेलकर्मियों के लिये रेलवे पेंशन की सुविधा प्रतिमाह देता है। इन्ही 14.5 लाख कार्मियों की सुविधा एवं पेंशन उपलब्ध कराने वाली बैंको व रेलवे अपनी प्रशासनिक चुस्ती को बनाये रहने एवं कम से कम समय में पेशनरों की देय राशि उन तक पहुॅच सके, इसके साथ ही पेंशनरों के सुझाव व शिकायत सहित पेशनरों से संवाद कायम रख सके, इस उदे्श्य से भारतीय रेल ने अर्पण साफ्ट वेयर विकसित की है। इंटरनेट चेंकिंग प्राणाली को गुगल के जारिये कोई भी पेंशनर अपनी पेंशन संबंधित जानकारी व रेल प्रशासन से सीधें संवाद कायम करने के लिए अपना नाम व जानकारी रजिस्टर कर उस नंबर के जरिये संवाद कायम कर सकता है, सुझाव, शिकायत भेज सकता है।
भारतीय रेलवे को 14.5 लाख पेंशनरो के मध्य 3800 करोड़ रू. के लगभग सालना आदान-प्रदान होता है। देश के समस्त जोनों मंडलो एवं देश के विभिन्न जगहों के कारखानों में कार्यरत सेवानिवृत्त के बाद उन्हें प्रतिमाह उनकी सुविधा आनुसार पी.पी.ओं. के माध्यम से भुगतान किया जाता है। इतनी बडी जिम्मेदारी व सेवा को यथा संमय सभी के खाते में पहुचाने हेतु अनेको देय संबंधित समायोजनों की आवश्यकता पड़ती है तथा पेंशनरों बैंको व अन्य देय प्रदान करने वाली एजेंसियों के मध्य रेलवे के साथ एक समांजस्य स्थापित करना एक कठिन कार्य है। पेंशन की जिम्मेदारी को पूरी करने हेतु रेलवे, रिर्जव बैंको देयक संस्था को आपसी सामंजस्य रखने में अनेको प्रक्रियाओं को लगाकर करना होता है। इसके उपरांत भी समय समय पर चेक भी करना होता है ताकि किसी भी पेंशनधारकों को असुविधा न हो। उक्त सभी परेशानियों को देखते हुए अर्पण एक अचूक प्रणाली की तरह विकसित की गई है ताकि पेंशनरों, रेलवे, बैंको के मध्य आपसी प्रशासनिक सामंजस्य बनी रहें। इस प्रणाली से पेंशन धाराको को यथा समय उनकी देय पेंशन उनके खातों तक पहुच जाया करती है। साथ ही साथ वे अपने पेंशन संबंधित अन्य मामलों की जानकारी या अन्य सुझाव व श्किायत भी इसी के जरिये संबंधित प्रशासन व सिस्टम में पहुच कर अपनी परेशनियों को दूर कर सकते है। इसके जरिये पेंशन धारक अपनी देय राशि का पता तो लगा ही सकता है साथ की साथ प्राप्त राशि का हिसाब भी लगा सकता है कि इतना पेंशन क्यों और कैसे मिला। इसके जरिये प्रत्येक कर्मी अपना स्वयं का नाम रजिस्टर्ड करा कर पैन नंबर, खाता नंबर की तरह उस नंबर के जरिये प्रशासन से संवाद कायम भी रख सकता है। इस नंबर के जरिये फोन द्वारा, फेसबुक व ट्विटर के द्वारा भी संवाद स्थापित कर सकता है। इस प्रणाली से सभी कर्मी व पेंशनरों के पेंशन संबंधित नियमावली की जानकारी भी ले सकते है। इस प्रणाली को सफलता पूर्वक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा सभी सभी मंडलो सहित लागू किया जा चुका है।
जिसके जरिये सेवानिवृत्त देय, पी.पी.ओ. एवं ई पी.पी.ओ. को सीधे तौर पर लागू किया गया है। जिसके कारण आज पहले की तरह पेंशन तुरंन्त चालू हो जाता है ताकि पेंशन धारकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।