एक ही सिक्के के पहलू हैं एनआरसी और सीएए : मांझी
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एनआरसी, सीएए और एनपीआर को एक ही सिक्के का अलग-अलग पहलू करार देते हुए आज कहा कि यह काफी खतरनाक है
गया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी), नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को एक ही सिक्के का अलग-अलग पहलू करार देते हुए आज कहा कि यह काफी खतरनाक है।
श्री मांझी ने यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) हो, नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) हो या फिर नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) सभी एक ही सिक्के के अलग -अलग पहलू है। उन्होंने कहा कि यदि एनपीआर बना रहे हैं तो यह एनआरसी लागू करने का पहला स्टेज है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था कि यदि केन्द्र में उनकी सरकार बनेगी तो वह एनआरसी को लागू करेंगे। यही बात तीन तलाक और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर कही गयी थी। भाजपा सरकार ने कर दिया।
हम अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह कहते हैं कि एनआरसी नहीं लागू करेंगे लेकिन दूसरे तरफ भाजपा अपने घोषणा पत्र में इसे लागू करने की बात की है। उन्होंने प्रधानमंत्री के दावों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इतना बड़ा असत्य कैसे बोल सकते है। पहले इन सब बातों पर विश्वास नहीं होता था लेकिन अब विश्वास हो रहा है।