नोएडा के बिल्डर को NGT से बड़ा झटका, अवैध निर्माण पर देना होगा 15 करोड़ का मुआवजा

पर्यावरण की अनदेखी को लेकर इस समय एनजीटी पूरी तरीके से सख्त है। इसीलिए 15 दिन पहले ही दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में ग्रेप सिस्टम लागू कर दिया गया है।

Update: 2022-10-05 12:06 GMT

नई दिल्ली: पर्यावरण की अनदेखी को लेकर इस समय एनजीटी पूरी तरीके से सख्त है। इसीलिए 15 दिन पहले ही दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में ग्रेप सिस्टम लागू कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों के जगह-जगह चालान काटे भी जा रहे हैं और उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में एनजीटी ने नोएडा के एक बिल्डर को अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण के लिए 15 करोड़ का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने यह फैसला नोएडा के सेक्टर-77 में 'एक्सप्रेस जेनिथ' के निर्माण पर एक्सप्रेस बिल्डर और प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सुनाया है।

एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस ए.के. गोयल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल बेल व अफरोज अहमद वाली पीठ ने यह कहा कि यह पहले से तय था कि ईसी के आधार पर ग्राउंड प्लस 18 मंजिलों का निर्माण होना था, लेकिन बिल्डर ने नियमों का उल्लंघन करके 5 टावर में ग्राउंड प्लस 19 मंजिल का निर्माण किया।

पीठ ने कहा, बिल्डर प्रदूषक भुगतान सिद्धांत पर निवारण मुआवजे का भुगतान करने के लिए जवाबदेह है। लिहाजा, उसे 15 करोड़ रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए जाते हैं।

एनजीटी ने यह भी निर्देश दिया है कि बिल्डर को 1 माह के अंदर यह जुर्माना गौतमबुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा कराना होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो फिर 1 माह बाद जबरदस्ती वसूली की जाएगी।

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