नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों में जहां कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की, वहीं एक रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया था। परिणाम जारी होने के बाद 301वीं रैंक पर दावा करने वाली दो उम्मीदवारों दोनों का नाम आकांक्षा सिंह के कारण यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि अब इस विवाद पर विराम लग गया है। UPSC और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि 301वीं रैंक किस आकांक्षा सिंह को मिली है।
दो उम्मीदवारों ने किया था एक ही रैंक का दावा
UPSC का रिजल्ट 6 मार्च 2026 को घोषित हुआ था। इसके बाद सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबर तेजी से फैलने लगी कि 301वीं रैंक पर दो अलग-अलग उम्मीदवार दावा कर रही हैं। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह बताया गया और दोनों ने अपना-अपना एडमिट कार्ड भी शेयर किया, जिसमें कथित तौर पर एक ही रोल नंबर दिखाई दे रहा था। इस वजह से यह मामला तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर सही उम्मीदवार कौन है।
बिहार और गाजीपुर की आकांक्षा सिंह का दावा
301वीं रैंक को लेकर विवाद उस समय और गहरा गया जब बिहार और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की दो अलग-अलग उम्मीदवारों ने यह रैंक हासिल करने का दावा किया। दोनों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर अपने दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि 301वीं रैंक उन्हीं को मिली है। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी।
UPSC ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद UPSC ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में आकांक्षा सिंह नाम की दो उम्मीदवारों को 301वीं रैंक मिली है, लेकिन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार यह दावा गलत है।
UPSC ने स्पष्ट किया कि 301वीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार आकांक्षा सिंह हैं। उनका रोल नंबर 0856794 है। गाजीपुर की रहने वाली हैं असली उम्मीदवार। आयोग के अनुसार 301वीं रैंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की निवासी हैं।
CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2025
— PIB India (@PIB_India) March 9, 2026
The final result of the #CivilServicesExamination, 2025 has been declared on 06.03.2026. There are various media reports, wherein two candidates of same name i.e. Akanksha Singh, are claiming to have secured the same Rank 301 in the final… pic.twitter.com/4zEJS8ijh1
UPSC और PIB द्वारा साझा जानकारी के अनुसार:
नाम: आकांक्षा सिंह
रैंक: 301
रोल नंबर: 0856794
पिता का नाम: रंजीत सिंह
माता का नाम: नीलम सिंह
पता: गांव अभयपुर, जिला गाजीपुर, उत्तर प्रदेश
इस आधिकारिक जानकारी के बाद यह साफ हो गया कि गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ही UPSC परीक्षा में 301वीं रैंक हासिल करने वाली वास्तविक उम्मीदवार हैं।
बिहार वाली आकांक्षा का दावा निकला फर्जी
फैक्ट-चेक वेबसाइट्स और जांच में यह सामने आया कि बिहार की आकांक्षा सिंह का दावा फर्जी था। बताया गया कि उन्होंने जो एडमिट कार्ड साझा किया था, उसमें मौजूद QR कोड स्कैन करने पर अलग जानकारी सामने आई। QR कोड से यह स्पष्ट हुआ कि उनका रोल नंबर वह नहीं था जो UPSC की मेरिट लिस्ट में 301वीं रैंक के साथ दर्ज है। इसके बाद यह मामला और स्पष्ट हो गया और अब PIB की पुष्टि के बाद विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।
6 मार्च को जारी हुआ था UPSC रिजल्ट
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित किया गया था। इस बार कुल 958 उम्मीदवारों को चयनित किया गया, जिन्हें आगे प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। इनमें 659 पुरुष उम्मीदवार, 299 महिला उम्मीदवार सफल रहे हैं।
सेवाओं में नियुक्ति
सफल उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के बाद उनकी रैंक और सेवा प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा। इनमें प्रमुख सेवाएं शामिल हैं- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और अन्य केंद्रीय सेवाएं
UPSC रिजल्ट में गलती की संभावना बेहद कम
UPSC देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है और इसके परिणाम बेहद सावधानी के साथ तैयार किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आयोग के पास मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन सिस्टम होता है, इसलिए परिणामों में गलती की संभावना बेहद कम होती है। आमतौर पर जब किसी रैंक को लेकर दो दावे सामने आते हैं, तो जांच के बाद उनमें से एक दावा फर्जी साबित हो जाता है, जैसा कि इस मामले में भी हुआ। इस स्पष्टीकरण के बाद अब 301वीं रैंक को लेकर पैदा हुआ विवाद पूरी तरह खत्म हो गया है और गाजीपुर की आकांक्षा सिंह को ही आधिकारिक तौर पर उस रैंक की विजेता माना गया है।