गुरुग्राम STF का बड़ा एक्शन: भिवानी से शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, ₹35 करोड़ की हेरोइन बरामद
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भिवानी जिले से रोहित नाम के एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 35 करोड़ रुपये कीमत की बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई है।;
गुरुग्राम। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भिवानी जिले से रोहित नाम के एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 35 करोड़ रुपये कीमत की बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रोहित नाम का व्यक्ति भिवानी में अपने घर से बड़े पैमाने पर हेरोइन का अवैध कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भिवानी पहुंचकर आरोपी के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आरोपी रोहित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसटीएफ की तलाशी अभियान में आरोपी के घर से हेरोइन की भारी मात्रा मिली। प्रारंभिक जांच में इस हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 35 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। यह अब तक की कार्रवाइयों में नशा तस्करी के खिलाफ हरियाणा एसटीएफ की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी रोहित पंजाब से हेरोइन की खेप मंगवाकर हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करने के धंधे में सक्रिय था। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे नशा तस्करी के काले कारोबार में आरोपी का भाई भी उसके साथ पूरी तरह शामिल था। आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है और पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है।
बताया गया है कि आरोपी के भाई पर पंजाब में पहले से ही नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। एसटीएफ की टीम अब गिरफ्तार आरोपी रोहित से गहन पूछताछ कर इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, जो पंजाब से हेरोइन की तस्करी कर हरियाणा में इसे बेचने का काम करते हैं।
एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी रोहित को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसकी रिमांड लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। रिमांड के दौरान आरोपी से इस पूरे नशा रैकेट का पर्दाफाश करने की कोशिश की जाएगी। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ राज्य सरकार और हरियाणा पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती देती है।