"मेरा रोल कैमरे के सामने हाजिरी लगाने का नहीं, सिस्टम ठीक करना है!"— राघव चड्ढा का तीखा बयान

राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर बोलते हुए कहा कि अब उनका मकसद सिर्फ सवाल उठाना नहीं, बल्कि सिस्टम को ठीक करना है।;

Update: 2026-07-31 12:57 GMT

नई दिल्ली। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर बोलते हुए कहा कि अब उनका मकसद सिर्फ सवाल उठाना नहीं, बल्कि सिस्टम को ठीक करना है।

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जब मैं विपक्ष में था, तब सवाल मेरा हथियार था। आज मैं ट्रेजरी बेंच पर हूं, अब सॉल्यूशन मेरी जिम्मेदारी है। इसलिए मैंने खुद से वादा किया कि जब सिस्टम ठीक हो जाएगा तो मैं इस मुद्दे पर पार्लियामेंट में बोलूंगा, क्योंकि मुझे हेडलाइन नहीं, मुझे आउटकम चाहिए था।"

इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान राघव चड्ढा ने कहा, "मैं अपने शुभचिंतकों से भी कुछ कहना चाहूंगा क्योंकि वे पूछ रहे थे कि आप नीट के मुद्दे पर कब बोलेंगे? मैं बहुत ही विनम्रता से कहना चाहता हूं कि जब मैं विपक्ष में बैठता था, तो सवाल मेरा हथियार था, आज मैं ट्रेजरी बेंच पर बैठता हूं तो सॉल्यूशन मेरी जिम्मेदारी है।"

उन्होंने कहा कि वह रोज कैमरे के सामने आकर बयान दे सकते थे, लेकिन उन्हें हेडलाइन नहीं आउटकम चाहिए। चड्ढा ने कहा, "जब मैं विपक्ष में था, तो मेरा काम मुद्दा ढूंढना और सवाल उठाना था और पूरा सदन जानता है कि मैंने वह काम पूरी ईमानदारी से किया लेकिन आज मेरा रोल कैमरे के सामने हाजिरी लगाने का नहीं है। मेरी भूमिका सिस्टम को ठीक करना है।"

सांसद ने कहा कि उन्होंने खुद से वादा किया था कि वह इस मुद्दे पर संसद में उसी दिन बोलेंगे जिस दिन सरकार कोई ठोस समाधान लेकर आए। उन्होंने कहा, "इसलिए मैंने अपने आप से एक वादा किया है कि मैं इस मुद्दे पर पार्लियामेंट में बोलूंगा और उस दिन बोलूंगा, जिस दिन हम प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे होंगे और हल लेकर आएंगे और आज यह ऐतिहासिक दिन है।"

राघव चड्ढा ने सरकार द्वारा लाए गए नए परीक्षा बिल को देश के छात्रों के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, "सरकार सदन में जो रिफॉर्म लेकर आई है, वह बहुत जरूरी है। यह रिफॉर्म बहुत जरूरी है। इससे सिस्टम और मजबूत होगा। पेपर सिक्योर और एग्जाम फेयर होगा। मेरिट का सम्मान होगा और माफिया जेल में होगा। सरकार पहरेदार होगी, कार्रवाई दमदार होगी। छात्रों की जीत और माफिया की हार होगी।"


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