वीडियो प्रकरण: राघव चड्ढा बोले, भगवंत मान को सीएम पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगंवत मान से जुड़े उस कथित फर्जी वीडियो को लेकर हमला बोला, जिसमें वो गुरु का अपमान करते हुए नजर आ रहे हैं।;

By :  IANS
Update: 2026-06-25 08:34 GMT

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगंवत मान से जुड़े उस कथित फर्जी वीडियो को लेकर हमला बोला, जिसमें वो गुरु का अपमान करते हुए नजर आ रहे हैं।

राघव चड्ढा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी और भगवंत मान ने अपने इस कारनामे को छुपाने के लिए फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की है। अब ऐसी स्थिति में भगवंत मान को मुख्यमंत्री के पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार है। उन्हें फौरन इस पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उनके खिलाफ नए बेअदबी कानून के तहत पहली प्राथमिकी भी दर्ज होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मन में इस बात को लेकर शंका थी कि यह वीडियो फर्जी है या नहीं, अब इन लोगों के मन से भी यह शंका दूर हो चुकी है क्योंकि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को सच्चाई छुपाने के लिए एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवानी पड़ गई। अगर वीडियो असली नहीं होता, तो उन्हें फर्जी रिपोर्ट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। दुर्भाग्य की बात यह है कि आम आदमी पार्टी ने अकाल तख्त के खिलाफ कई तरह की बातें कीं। यहां तक उनके पीछे पेड ट्रोल भी लगाए गए। सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर अभद्र टिप्पणी की गई। पूरी सिख संगत आज गुस्से में है। आज आम आदमी पार्टी के सिख नेताओं से जनता यह सवाल करती है कि क्या वो गुरु साहिब के लिए समर्पित हैं? क्या वो सिख पंत के साथ हैं? क्या वो श्री अकाल तख्त साहिब को मानते हैं? या फिर सिख विरोधी भगवंत मान के साथ हैं? अब आप किनके साथ हैं? यह आपको चुनना है?

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किस तरह से इस फर्जी वीडियो को तैयार किया गया? इसमें कौन से लोग शामिल थे? कौन से सरकारी और निजी पैसों का इस्तेमाल करके इस रिपोर्ट को बनाया गया। क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग या रिश्वत के पैसे का भी इस्तेमाल किया गया? यह सब कुछ अब जांच के दायरे में आता है।

उन्होंने कहा कि आज पूरी सिख संगत मुख्य रूप से दो चीजों की मांग कर रही है। पहली मांग यह है कि भगवंत मान को तुरंत सीएम पद से इस्तीफा देना होगा। दूसरी मांग यह है कि नया बेअदबी कानून के तहत पहली प्राथमिकी भी इनके खिलाफ दर्ज होनी चाहिए।


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