मनमोहन सिंह पर SC के फैसले के बाद सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोलीं- इतिहास उनकी ईमानदारी के लिए याद रखेगा

सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को शांत, सरल और प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक बताते हुए कहा कि इतिहास उन्हें सम्मान के साथ याद करेगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लंबे समय तक एक सुनियोजित अभियान चलाया गया, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उस अभियान का अंत हो गया है।;

Update: 2026-08-11 04:15 GMT

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक लेख में सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल और मौजूदा केंद्र सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि डॉ. सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड आज की सरकार के तौर-तरीकों से बिल्कुल अलग था। सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को शांत, सरल और प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक बताते हुए कहा कि इतिहास उन्हें सम्मान के साथ याद करेगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लंबे समय तक एक सुनियोजित अभियान चलाया गया, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उस अभियान का अंत हो गया है।

सोनिया बोलीं- मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियान संगठित था

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह को निशाना बनाने वाला अभियान कई स्तरों पर चलाया गया। उनके मुताबिक, इसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी और RSS तथा BJP से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सार्वजनिक बहस के एक बेहद दुखद अध्याय को समाप्त करता है। सोनिया के अनुसार, डॉ. सिंह पर लगाए गए आरोप अब निराधार साबित हो चुके हैं और वह हर मामले में बेदाग साबित हुए हैं।सोनिया गांधी ने 29 जुलाई को भारत के हालिया राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर लगातार सवाल उठाए गए, लेकिन समय के साथ उन आरोपों की बुनियाद कमजोर साबित हुई।

ED-CBI के इस्तेमाल को लेकर मोदी सरकार पर निशाना

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। सोनिया ने आरोप लगाया कि नेताओं को या तो दबाव के जरिए चुप कराया जाता है या फिर उन्हें BJP में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में ऐसे नेताओं को बाद में मंत्री पद तक दिया गया।

2017 के बयान को लेकर पीएम मोदी पर तंज 

सोनिया गांधी ने अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 में राज्यसभा में दिए बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने मनमोहन सिंह पर की गई मोदी की उस टिप्पणी को याद किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री के लिए ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ वाला बयान दिया गया था। सोनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री इन दिनों छात्रों को माफ करने की बात कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मनमोहन सिंह के खिलाफ अपनी उस कथित गरिमाहीन टिप्पणी पर भी आत्मचिंतन करना चाहिए।

UPA सरकार की आर्थिक उपलब्धियां गिनाईं

सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल की आर्थिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि UPA सरकार के दौरान आर्थिक विकास में तेजी आई, निजी निवेश बढ़ा और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले। उन्होंने 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भारत ने अपनी आर्थिक क्षमता का प्रदर्शन किया। सोनिया ने मनमोहन सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शिक्षा का अधिकार, MGNREGA, वन अधिकार कानून, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और उच्च शिक्षण संस्थानों में OBC आरक्षण जैसे कदमों को शामिल किया।

परमाणु समझौते को बताया बड़ी उपलब्धि

भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को भी सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत पर लंबे समय से लागू परमाणु क्षेत्र की कई अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां खत्म हुईं और वैश्विक मंच पर देश की स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने इसे मनमोहन सिंह के राजनीतिक साहस और लगातार प्रयासों का परिणाम बताया।

छात्रों के प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जिक्र

सोनिया गांधी ने दावा किया कि मनमोहन सिंह के दौर में छात्रों और सिविल सोसाइटी को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की अधिक स्वतंत्रता थी। उन्होंने मौजूदा सरकार के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने मनमोहन सिंह की प्रेस के प्रति जवाबदेही का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री नियमित रूप से मीडिया के सवालों का सामना करते थे।

अंत में सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जनवरी 2014 में उनके द्वारा कही गई बात समय के साथ सच साबित होती नजर आ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और राजनीतिक विरासत को लेकर भविष्य में इतिहास का आकलन मौजूदा राजनीतिक आरोपों से अलग होगा।

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