इंदिरा गांधी हत्या मामले में दोषी के बेटे को टिकट, 2027 पंजाब चुनाव में सतवंत सिंह की एंट्री

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले वारिस पंजाब दे ने सतवंत सिंह को बस्सी पठाणा सीट से उम्मीदवार बनाया है। सतवंत सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्या मामले में दोषी केहर सिंह के बेटे हैं।;

Update: 2026-08-11 05:44 GMT
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़े संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ ने फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाणा विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए यह अपना पहला उम्मीदवार बताया है।

अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया गया। इस दौरान वारिस पंजाब दे के कार्यकारी अध्यक्ष और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह के साथ फरीदकोट के निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह खालसा भी मौजूद रहे।

कौन हैं सतवंत सिंह?

61 वर्षीय सतवंत सिंह फतेहगढ़ साहिब जिले के मुस्तफाबाद गांव के रहने वाले हैं और बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि, इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फरीदकोट सीट से चुनाव जीतने वाले सरबजीत सिंह खालसा के लिए प्रचार किया था।

सतवंत सिंह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए केहर सिंह के बेटे के तौर पर सामने आया है। केहर सिंह को इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था और जनवरी 1989 में तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।

इंदिरा गांधी हत्याकांड से क्या है कनेक्शन?

31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके आवास पर उनके सुरक्षा कर्मियों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की जांच और सुनवाई के बाद केहर सिंह को हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था।

वारिस पंजाब दे की ओर से अब उनके बेटे सतवंत सिंह को चुनाव मैदान में उतारना पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, चुनाव में उनकी वास्तविक राजनीतिक चुनौती और समर्थन का आधार आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

‘सिर्फ सत्ता हासिल करना उद्देश्य नहीं’

उम्मीदवार की घोषणा के दौरान तरसेम सिंह ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं है। उन्होंने पंजाब के अधिकारों और उन परिवारों के सम्मान को प्रमुख मुद्दा बताया, जिन्होंने संगठन के अनुसार विभिन्न आंदोलनों में बलिदान दिए हैं।

तरसेम सिंह ने कहा कि सतवंत सिंह को टिकट देना उन परिवारों के प्रति सम्मान का संकेत है। पार्टी अब आगामी विधानसभा चुनाव में अपने अन्य उम्मीदवारों और विस्तृत चुनावी एजेंडे का ऐलान भी कर सकती है।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में वारिस पंजाब दे की चुनावी रणनीति और उसके उम्मीदवारों की घोषणा आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकती है।

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