स्वतंत्रता दिवस पर फिर दिखा मोदी का खास अंदाज, बंधेज पगड़ी में दिखा ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

पीएम मोदी की इस बार की पगड़ी गहरे लाल रंग की थी, जिस पर छोटे-छोटे सफेद बिंदु बने हुए थे। इसे टाई-एंड-डाई की पारंपरिक तकनीक से तैयार किया जाता है। कपड़े को पहले अलग-अलग हिस्सों में धागे से बांधा जाता है और फिर उसमें रंग डाला जाता है।;

Update: 2026-08-15 05:26 GMT

नई दिल्ली: PM Modi turban: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अपने भाषण के साथ-साथ पहनावे के जरिए भी खास संदेश दिया। हर साल की तरह इस बार भी उनकी पगड़ी आकर्षण का केंद्र रही। सफेद कुर्ते-पायजामे के साथ चॉकलेट ब्राउन वेस्ट और लाल बंधेज पगड़ी में पीएम मोदी नजर आए। पगड़ी के रंग और डिजाइन में राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाई दी।

लाल बंधेज पगड़ी ने खींचा ध्यान

पीएम मोदी की इस बार की पगड़ी गहरे लाल रंग की थी, जिस पर छोटे-छोटे सफेद बिंदु बने हुए थे। इसे टाई-एंड-डाई की पारंपरिक तकनीक से तैयार किया जाता है। कपड़े को पहले अलग-अलग हिस्सों में धागे से बांधा जाता है और फिर उसमें रंग डाला जाता है। धागे खोलने के बाद कपड़े पर खास तरह के बिंदु और पैटर्न उभरते हैं। बंधेज राजस्थान और गुजरात की प्रसिद्ध हस्तकलाओं में शामिल है। पारंपरिक समारोहों में इसकी पगड़ी को सम्मान और उत्सव से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि पीएम मोदी के पहनावे में इसका इस्तेमाल भारतीय लोक संस्कृति और स्थानीय कारीगरों की कला को सामने लाने वाला संदेश माना जा रहा है।

पगड़ी में ‘वोकल फॉर लोकल’ की झलक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से स्थानीय उत्पादों और भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की अपील करते रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बंधेज पगड़ी का चयन भी इसी विचार से जुड़ा नजर आया। हाथ से तैयार होने वाली इस कला में स्थानीय कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक कौशल शामिल होता है। पगड़ी के जरिए भारतीय संस्कृति की विविधता को भी रेखांकित किया गया। लाल रंग भारतीय परंपरा में शुभता, उत्साह, शक्ति और उत्सव से जुड़ा माना जाता है। वहीं बंधेज के सफेद बिंदु इस पारंपरिक शैली की विशिष्ट पहचान हैं।

तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर ने पूरा किया लुक

पीएम मोदी ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन जैकेट के साथ केसरिया, सफेद और हरे रंग के पॉकेट स्क्वायर लगाए। इससे उनके पूरे पहनावे में तिरंगे की झलक दिखाई दी। पारंपरिक पगड़ी और आधुनिक जैकेट के संयोजन ने उनके स्वतंत्रता दिवस के लुक को अलग पहचान दी।

साल-दर-साल खास रही पीएम की पगड़ी

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी पिछले कई वर्षों से उनके पहनावे की खास पहचान बन चुकी है। हर साल पगड़ी के रंग, डिजाइन और शैली में किसी न किसी भारतीय क्षेत्र की परंपरा दिखाई देती है।

2025: पीएम मोदी ने चमकदार राजस्थानी लहरिया पगड़ी पहनी थी, जिसमें नारंगी, पीले और हरे रंगों की झलक थी।

2024: उनकी पगड़ी में भी रंगों और पारंपरिक भारतीय शैली का खास संयोजन देखने को मिला।

2023: उन्होंने पीले, हरे और लाल रंगों वाली बांधनी प्रिंट की पगड़ी पहनी थी, जिसे काली वी-नेक जैकेट के साथ मैच किया गया था।

2022: केसरिया रंग की पगड़ी के साथ नीली जैकेट और स्टोल उनके लुक का हिस्सा रहे। पगड़ी में लाल डिजाइन और लंबे लटकते सिरे भी नजर आए।

2021: क्रीम और केसरिया रंग की पगड़ी उनके हाफ-स्लीव कुर्ते के साथ दिखाई दी।

2020: कोरोना महामारी के दौर में उन्होंने केसरिया बॉर्डर वाले सफेद स्कार्फ का इस्तेमाल किया था।

2019 से 2017: इन वर्षों में भी उनकी पगड़ियों में भारतीय पारंपरिक रंगों और क्षेत्रीय शैलियों की झलक दिखाई दी। 2018 में केसरिया रंग प्रमुख रहा, जबकि 2017 में गहरे लाल और पीले रंग का संयोजन नजर आया।

2015: पीली और बहुरंगी क्रिस-क्रॉस शैली की पगड़ी ने आकर्षण बटोरा।

2014: प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले स्वतंत्रता दिवस पर मोदी ने गहरे लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी पहनी थी। इसके बाद से स्वतंत्रता दिवस पर उनकी पगड़ी भारतीय सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाली एक खास परंपरा बनती चली गई।

पहनावे के जरिए संस्कृति से जुड़ाव

पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर पहनावा अक्सर केवल फैशन तक सीमित नहीं रहता। उनकी पगड़ी में देश के अलग-अलग राज्यों की लोक परंपराएं, हस्तकला और सांस्कृतिक पहचान नजर आती है। 2026 में लाल बंधेज पगड़ी के जरिए राजस्थान और गुजरात की कला को प्रमुखता मिली। ऐसे में इस बार का उनका लुक परंपरा, स्थानीय कारीगरों और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश का मेल नजर आया।

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