वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब खाने पर बड़ी कार्रवाई, दही में कीड़े मिलने पर IRCTC और कैटरर पर भारी जुर्माना

यह घटना 15 मार्च 2026 की है, जब ट्रेन नंबर 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में सफर कर रहे एक यात्री ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

Update: 2026-03-26 09:24 GMT
नई दिल्‍ली : भारतीय रेल मंत्रालय ने वंदे भारत एक्सप्रेस में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता को लेकर आई गंभीर शिकायत पर कड़ा रुख अपनाया है। एक यात्री द्वारा दही में कीड़े मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे ने तुरंत जांच शुरू की और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की। रेल मंत्रालय ने इस मामले में आईआरसीटीसी (IRCTC) पर 10 लाख रुपये और कैटरिंग सेवा देने वाली कंपनी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही संबंधित कैटरिंग कंपनी का अनुबंध भी समाप्त कर दिया गया है।

पटना-टाटानगर वंदे भारत में सामने आया मामला


यह घटना 15 मार्च 2026 की है, जब ट्रेन नंबर 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में सफर कर रहे एक यात्री ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई। यात्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें डिनर के साथ दी गई दही में कीड़े दिखाई दे रहे थे। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि केवल एक ही नहीं, बल्कि अन्य यात्रियों को दी गई दही में भी ऐसी ही समस्या थी। वीडियो के वायरल होते ही मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और रेलवे पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

रेल मंत्रालय का सख्त कदम


शिकायत मिलते ही रेल मंत्रालय ने तुरंत जांच कराई और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 15 मार्च 2026 को वंदे भारत एक्सप्रेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई के तहत आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये और कैटरर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कैटरर का अनुबंध समाप्त करने का आदेश दिया गया है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्री सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कैटरिंग कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द


इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई कैटरिंग सेवा देने वाली कंपनी के खिलाफ हुई है। रेलवे ने न केवल उस पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया, बल्कि उसका अनुबंध भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। यह कदम यह संकेत देता है कि रेलवे अब भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

IRCTC की जिम्मेदारी भी तय


आईआरसीटीसी, जो ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था देखती है, उसे भी इस मामले में जिम्मेदार माना गया है। रेल मंत्रालय ने आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में किसी भी स्तर पर चूक को गंभीरता से लिया जा रहा है।

रेलवे प्रवक्ता का बयान


भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा, वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को उच्च गुणवत्ता की सेवा और स्वच्छता प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि ट्रेनों में खानपान से जुड़े नियम पहले से ही सख्त हैं और उनकी निगरानी लगातार की जाती है।

प्रीमियम ट्रेनों में बढ़ी जवाबदेही


वंदे भारत एक्सप्रेस को भारतीय रेलवे की प्रीमियम सेवाओं में गिना जाता है। इसमें सफर करने वाले यात्री बेहतर सुविधा, साफ-सफाई और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना रेलवे की छवि पर असर डाल सकती है, जिसे ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की। वंदे भारत ट्रेन में खराब भोजन की शिकायत पर रेलवे की त्वरित कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब सेवा की गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारी जुर्माना और कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने जैसे कदम भविष्य में अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक सख्त संदेश हैं।


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