‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनी सोशल मीडिया सेंसेशन, इंस्टाग्राम पर 4 दिन में 1.4 करोड़ फॉलोअर्स

गुरुवार सुबह तक इंस्टाग्राम पर पार्टी के फॉलोअर्स 1 करोड़ से अधिक बताए गए, जबकि एक्स पर भी लाखों यूजर्स इससे जुड़ चुके हैं। खास बात यह है कि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी, बेरोजगारी और सिस्टम के प्रति व्यंग्य के रूप में सामने आया डिजिटल अभियान है।;

Update: 2026-05-21 07:27 GMT

 नई दिल्‍ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP नाम का एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान तेजी से चर्चा में है। महज कुछ दिनों के भीतर इस अभियान को लाखों लोगों का समर्थन मिल गया। इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे यह इंटरनेट पर ट्रेंडिंग विषय बन गया है। गुरुवार सुबह तक इंस्टाग्राम पर पार्टी के फॉलोअर्स 1 करोड़ से अधिक बताए गए, जबकि एक्स पर भी लाखों यूजर्स इससे जुड़ चुके हैं। खास बात यह है कि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी, बेरोजगारी और सिस्टम के प्रति व्यंग्य के रूप में सामने आया डिजिटल अभियान है। इस पार्टी की पॉपुलेरिटी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इंस्टा पर इसके 11.4M फॉलोअर्स सिर्फ 4 दिन में हो चुके हैं।

CJI के बयान के बाद शुरू हुई बहस

इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 मई को सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से हुई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी। हालांकि अगले ही दिन CJI ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।  उन्होंने कहा कि उनका बयान उन लोगों के लिए था जो फर्जी डिग्रियों के सहारे पेशों में प्रवेश कर जाते हैं और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

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इंटरनेट मीम्स से बना डिजिटल आंदोलन

युवाओं और इंटरनेट यूजर्स ने इस पूरे विवाद को मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक नाराजगी के जरिए एक ऑनलाइन अभियान का रूप दे दिया। इसी दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम सामने आया, जिसने खुद को “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” बताना शुरू किया। पार्टी का टैगलाइन रखा गया — “Voice of Lazy and Unapplied” यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज”। इसके साथ ही इंटरनेट पर बड़ी संख्या में मीम्स, पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे।


महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने शुरू किया अभियान

इस डिजिटल अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने की। वह अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वालंटियर के रूप में भी काम कर चुके हैं। अभिजीत ने 16 मई को एक्स पर एक गूगल फॉर्म साझा करते हुए लोगों को इस अभियान से जुड़ने का निमंत्रण दिया। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रतिक्रियाओं ने उन्हें यह मंच बनाने के लिए प्रेरित किया।

सदस्यता के लिए रखी गईं ‘चार योग्यताएं’

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सदस्यता के लिए चार व्यंग्यात्मक योग्यताएं भी तय की हैं। इनमें बेरोजगार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनल तरीके से गुस्सा जाहिर करने की क्षमता शामिल है। हालांकि यह बातें मजाकिया अंदाज में कही गई हैं, लेकिन इसके जरिए युवाओं की बेरोजगारी और डिजिटल जीवनशैली पर भी टिप्पणी की जा रही है।

घोषणा पत्र में उठाए कई गंभीर मुद्दे

पार्टी ने एक ऑनलाइन घोषणा पत्र भी जारी किया है, जिसमें व्यंग्य के साथ कई राजनीतिक और सामाजिक मांगें शामिल हैं। इनमें महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने, दलबदल करने वाले नेताओं पर लंबे समय तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने और रिटायरमेंट के बाद जजों को राज्यसभा न भेजने जैसी बातें कही गई हैं। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को भी इसमें शामिल किया गया है। कई यूजर्स इसे इंटरनेट के जरिए युवाओं की राजनीतिक नाराजगी का नया रूप मान रहे हैं।

युवाओं की नाराजगी का प्रतीक

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सिर्फ एक मजाक या मीम अभियान नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भीतर बढ़ रही निराशा और असंतोष का डिजिटल प्रतीक बनता जा रहा है। बेरोजगारी, राजनीतिक अविश्वास और सोशल मीडिया संस्कृति ने मिलकर इसे वायरल बना दिया। हालांकि यह अभियान पूरी तरह व्यंग्यात्मक अंदाज में चल रहा है, लेकिन इससे जुड़े मुद्दे गंभीर सामाजिक और राजनीतिक बहस को भी जन्म दे रहे हैं।

टीशर्ट पर छापी जा रही पिक्चर

इस पार्टी की पॉपुलेरिटी का अंदाजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि इसकी पिक्चर टीशर्ट पर छापी जा रही हैं। की और तरीकों से ही लॉग इस पार्टी के लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं। ढेरों मीम्स और रील वगैरह तो बन ही रही हैं।



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