हरभजन की सुरक्षा में तैनात रहेंगे CRPF कमांडो, AAP से BJP में आए अन्य सांसदों को भी मिली सिक्योरिटी
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, हरभजन सिंह की सुरक्षा को लेकर त्वरित समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके तहत सीआरपीएफ के प्रशिक्षित कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।;
नई दिल्ली/चंडीगढ़: पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य के बीच अलग-अलग फैसलों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लेने के कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरभजन सिंह को सीआरपीएफ (CRPF) की सुरक्षा प्रदान कर दी। अब उन्हें दिल्ली और पंजाब दोनों जगहों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों का कवर मिलेगा।
केंद्र सरकार का त्वरित फैसला
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, हरभजन सिंह की सुरक्षा को लेकर त्वरित समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके तहत सीआरपीएफ के प्रशिक्षित कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर भी केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है, जिससे उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
अन्य नेताओं को भी मिला सुरक्षा कवर
सिर्फ हरभजन सिंह ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अन्य राज्यसभा सांसदों को भी केंद्र सरकार ने सुरक्षा प्रदान की है। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी शामिल हैं। इन सभी नेताओं को अब सीआरपीएफ कमांडो की सुरक्षा मिलेगी। बताया जा रहा है कि इन नेताओं के खिलाफ बढ़ते विरोध और संभावित खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पंजाब सरकार ने हटाई थी सुरक्षा
इससे पहले शनिवार को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने हरभजन सिंह की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली थी। उनके जालंधर स्थित घर के बाहर तैनात 9 से 10 पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया और सरकारी गाड़ियां भी वापस बुला ली गईं। इस फैसले की पुष्टि हरभजन सिंह के निजी सहायक मनदीप सिंह ने की थी। राज्य सरकार के इस कदम को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
घर के बाहर विरोध और विवाद
सुरक्षा हटाए जाने से पहले हरभजन सिंह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने दीवार पर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में यह भी देखा गया कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
भगवंत मान का बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने ऐसे नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि उन्होंने न केवल पार्टी, बल्कि पंजाब की जनता के भरोसे को भी ठेस पहुंचाई है। मान के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक तनाव के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है।
AAP से BJP में शामिल होने का मामला
दरअसल, हाल ही में AAP के कई राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। राघव चड्ढा ने दावा किया था कि पार्टी के सात सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इसके बाद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा की सदस्यता ली, जबकि स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी इस बात की पुष्टि की। हरभजन सिंह का नाम भी इसी क्रम में प्रमुखता से लिया जा रहा है।