'हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं', सीएम योगी का अजय राय पर तंज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को निशाने पर लिया। उन्होंने अजय राय पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते हैं, बाहर निकलकर मछली की दावत उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं। सीएम योगी ने कहा, "बेशर्मी की भी एक सीमा होती है, इनके सामने तो गिरगिट भी शरमा जाए।";

Update: 2026-08-24 10:23 GMT

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को निशाने पर लिया। उन्होंने अजय राय पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते हैं, बाहर निकलकर मछली की दावत उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं। सीएम योगी ने कहा, "बेशर्मी की भी एक सीमा होती है, इनके सामने तो गिरगिट भी शरमा जाए।"

रायबरेली में 879 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों की राजनीति केवल अपने परिवारों तक सीमित रही है और उन्होंने देश के क्रांतिकारियों तथा महान नायकों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति में विरोधाभास साफ दिखाई देता है। एक तरफ कांग्रेस के नेता मंदिर में दर्शन करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके आचरण और बयानों में विरोधाभास नजर आता है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि भारत की आस्था और परंपरा किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। देश की जनता अपने महापुरुषों, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना जानती है।

सीएम योगी ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को भूल जाता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता। भारत की परंपरा, संस्कृति और आदर्शों को भुलाकर देश के खिलाफ षड्यंत्र करने का कुछ लोगों ने ठेका ले रखा है। उन्होंने मंगल पांडेय, नाना साहब, तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की उसी ज्वाला को रायबरेली में राना बेनी माधव बख्श सिंह ने आगे बढ़ाया था। यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें सम्मान के साथ याद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के रूप में राहुल गांधी से देश को कोई अपेक्षा नहीं है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के रूप में वह संसद और लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह हैं। राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के बाहर जाकर यूपी को बदनाम करते हैं और देश के बाहर जाकर भारत का अपमान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी देश विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित करने का काम करते हैं। सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों की सोच रही है कि सम्मान केवल उनके परिवारों को मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन दलों ने भारत के महान क्रांतिकारियों और राष्ट्रनायकों को सम्मान देने के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि देश का इतिहास किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है। भारत की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के निर्माण में असंख्य लोगों का योगदान रहा है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश ने आपातकाल की 'काली छाया' देखी है। ऐसे में लोकतंत्र और संविधान की बात करने वालों को अपने अतीत को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी जिक्र किया।

सीएम योगी ने कहा कि बाद में संबंधित युवती और उसके माता-पिता ने स्वीकार किया कि उनकी ओर से गलत बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि कुछ लोग देश को 'अर्बन नक्सलियों' के हाथों क्यों सौंपना चाहते हैं। जब भारतीय सेना सीमा पर दुश्मनों से मुकाबला करती है तो कुछ लोग उससे सवाल पूछते हैं। वहीं, अयोध्या में भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों की राजनीति भी देश देख चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत के मुद्दों पर दोहरे मापदंड नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि रायबरेली की धरती स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राना बेनी माधव बख्श सिंह की कर्मभूमि रही है और इस ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।


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