नोएडा के मजदूरों पर कार्रवाई से भड़के अभिजीत दीपके, सरकार को दी सख्त चेतावनी- छात्रों को लेकर न दोहराएं गलती

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने नोएडा मजदूरों की पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कानून के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए।;

Update: 2026-08-24 10:20 GMT

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नोएडा में निजी कंपनियों के कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कानून का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि नोएडा के मजदूरों के बाद छात्रों के साथ भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नोएडा के मजदूरों की गिरफ्तारी का दिया हवाला

दीपके ने सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए नोएडा में हुए विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में करीब एक सप्ताह चले प्रदर्शन के दौरान लगभग 200 निजी कंपनियों के कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई प्रदर्शनकारियों को अदालत से जमानत मिलने से पहले लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा।

दीपके ने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे, तो इतनी लंबी हिरासत की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है और कानून का इस्तेमाल उन्हें दबाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

‘पाकिस्तान कनेक्शन का क्या हुआ?’

दीपके ने एक जांच रिपोर्ट को रीपोस्ट करते हुए ‘पाकिस्तान कनेक्शन का क्या हुआ?’ सवाल भी उठाया। रिपोर्ट में प्रदर्शन के बाद मजदूरों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई का जिक्र था। उनके मुताबिक, अदालत ने कुछ मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्याप्त ठोस सबूत सामने नहीं रखे गए थे।

हालांकि, उपलब्ध दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है। कुछ गिरफ्तार लोगों पर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

छात्रों की कार्रवाई को लेकर सरकार को चेतावनी

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि नोएडा में मजदूरों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, वैसी ही कार्रवाई अब छात्रों के खिलाफ करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। दीपके की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होने वाली है।

आंदोलन के बाद सरकार के आश्वासनों की होगी समीक्षा

सीजेपी के मुताबिक, बैठक में 25 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन वापस लिए जाने के बाद केंद्र सरकार की ओर से किए गए कथित आश्वासनों की स्थिति पर चर्चा होगी। संगठन का दावा है कि सरकार ने इन आश्वासनों को लागू करने की दिशा में उठाए गए कदमों की अब तक औपचारिक जानकारी नहीं दी है।

संगठन ने यह भी कहा है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर उसकी नजर है। सीजेपी का दावा है कि अदालत ने संबंधित मामलों की संयुक्त सूची मांगी थी, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा सके।

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