पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान नादिया में हिंसा: टीएमसी के बदमाशों ने मेरे सिर पर रॉड से वार किया ,भाजपा पोलिंग एजेंट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के दौरान राज्य के कई इलाकों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। नादिया जिले के चापड़ा में बूथ नंबर 53 पर एक पोलिंग एजेंट के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट की घटना ने चुनावी माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।;
नादिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के दौरान राज्य के कई इलाकों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। नादिया जिले के चापड़ा में बूथ नंबर 53 पर एक पोलिंग एजेंट के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट की घटना ने चुनावी माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित मोशरफ मीर, जो भाजपा के पोलिंग एजेंट हैं, ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 5:40 बजे हुई, जब वे अपनी ड्यूटी निभाने के लिए मतदान केंद्र जा रहे थे। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "हम चाहते थे कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो ताकि लोग शांति से वोट डाल सकें। लेकिन कुछ तृणमूल के लोग जान अली मोल्ला के घर में छिपे हुए थे। अचानक 15-20 लोग वहां से निकले और उनके पास बांस के डंडे, लोहे की रॉड और हथियार थे। उन्होंने मेरे सिर पर रॉड से हमला किया। मैं गिर गया, लेकिन वे लगातार मारते रहे। वहां चार आईएसएफ एजेंट भी मौजूद थे, उन्हें भी पीटा गया। हमला करने के बाद वे लोग मौके से भाग गए।"
इस घटना के बाद नादिया सहित कई जिलों में चुनावी हिंसा की खबरें सामने आने लगी हैं। खासकर दक्षिण 24 परगना जिला अशांति का केंद्र बनता नजर आ रहा है।
भांगर विधानसभा क्षेत्र के सैहाटी इलाके में तनाव उस समय बढ़ गया, जब ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के विधायक और उम्मीदवार मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी एक मतदान केंद्र पर पहुंचे। तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उन्हें देखकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई, जब सिद्दीकी और उनके समर्थकों ने विरोध जताया। सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सुबह से मतदान शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन बाद में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को मौके पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को अलग कर हालात को काबू में किया।
दक्षिण 24 परगना के बसंती इलाके में भी हिंसा की घटना सामने आई। यहां भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार पर कथित रूप से तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। यह घटना बूथ नंबर 76 के पास हुई, जब सरदार निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। बताया गया कि उनके सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनने की भी कोशिश की गई। आरोप है कि केंद्रीय बल मौजूद होने के बावजूद उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया, जिसके बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
उत्तर 24 परगना जिले के सासन इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को स्थानीय ग्रामीणों और एआईएसएफ समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने उनका विरोध किया।
हुगली जिले के खानाकुल विधानसभा क्षेत्र के राजहाटी-1 पंचायत के रामचंद्रपुर में बूथ नंबर 147 पर एआईएसएफ और तृणमूल कांग्रेस के बीच झड़प हुई। एआईएसएफ समर्थकों ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने फर्जी तरीके से अपने एजेंटों को बूथ पर तैनात किया है और उनके एजेंटों को मंगलवार रात से ही धमकाकर अंदर नहीं जाने दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर एआईएसएफ उम्मीदवार भी मौके पर पहुंचे, जिससे तनाव और बढ़ गया।
इधर, हावड़ा जिले के बाली विधानसभा क्षेत्र के लिलुआ सोहनलाल विद्यालय स्थित डॉन बॉस्को में ईवीएम मशीन में खराबी के कारण मतदाता नाराज हो गए। स्थिति को संभालने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कांग्रेस और तृणमूल के पोलिंग एजेंट घायल हो गए। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
इन घटनाओं के बीच दूसरे चरण का मतदान जारी है, लेकिन कई इलाकों में हिंसा और तनाव ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।