‘मुझे मोहन भागवत से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं’, प्रियंका गांधी का बड़ा बयान
प्रियंका गांधी वाड्रा ने IIMUN कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लेकर कहा कि उन्हें उनसे किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। जानें पूरा मामला।;
नई दिल्ली।कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से युवाओं के साथ किए गए संवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ‘इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस’ (IIMUN) के एक कार्यक्रम के दौरान जब प्रियंका गांधी से इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मोहन भागवत से किसी तरह के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में युवाओं और नई पीढ़ी के साथ राजनीतिक तथा सामाजिक संगठनों के संवाद को लेकर चर्चा तेज है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में युवाओं के साथ संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनके इस रुख को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
मोहन भागवत के बयान पर प्रियंका की प्रतिक्रिया
IIMUN कार्यक्रम से जुड़े सवाल पर प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उनके बयान को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
IIMUN युवाओं के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां छात्रों को वैश्विक मुद्दों, नेतृत्व और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बारे में संवाद का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रमों में देश के सामाजिक, राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रमुख लोगों की भागीदारी होती रही है।
युवाओं से संवाद पर जोर
देश में नई पीढ़ी के साथ संवाद को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ी है। खासतौर पर Gen-Z और Gen-Alpha के बीच बदलते विचारों, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
प्रियंका गांधी के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस में आ गया है। कांग्रेस नेता पहले भी युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही हैं। वहीं, आरएसएस की ओर से भी नई पीढ़ी के साथ संवाद बढ़ाने की बात कही गई है।