अभिजीत दीपके को सुरक्षा देने की मांग तेज, परिवार से मिले मंत्री संजय शिरसाट; बोले- यह आंदोलन नहीं, युवाओं की क्रांति थी
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को सुरक्षा देने की मांग तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही। टाइफाइड के कारण दीपके अब तक घर नहीं लौटे हैं।;
परिवार से मिले मंत्री, माता-पिता की चिंता का किया जिक्र
छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी क्षेत्र में दीपके के घर पहुंचे प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि अभिजीत के माता-पिता स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। उनका कहना था कि हर परिवार चाहता है कि उसका बेटा सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि अभिजीत उनके लिए सिर्फ एक कार्यकर्ता नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र लौटने पर अभिजीत को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से स्वयं बात करेंगे।
36 दिन के आंदोलन के बाद मिली बड़ी सफलता
हाल ही में परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में 36 दिनों तक आंदोलन चला। आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसी घटनाक्रम के बाद अभिजीत दीपके चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। मंत्री शिरसाट ने कहा कि यह केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि युवाओं द्वारा शुरू की गई एक बड़ी सामाजिक पहल थी, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
पहले मुलाकात क्यों नहीं की, मंत्री ने दी सफाई
संजय शिरसाट ने कहा कि वह दीपके के परिवार को पिछले 25 वर्षों से जानते हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान उन्होंने परिवार से सार्वजनिक मुलाकात नहीं की क्योंकि इसे राजनीतिक रंग दिया जा सकता था। उनका कहना था कि वह किसी भी तरह इस आंदोलन को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाना चाहते थे। अब आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्होंने परिवार का हालचाल जानना जरूरी समझा।
अमेरिका की नौकरी छोड़ छात्रों के लिए चुना संघर्ष का रास्ता
मंत्री ने बताया कि अभिजीत दीपके ने बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त की थी और उन्हें अमेरिका में नौकरी का अवसर भी मिला था। हालांकि उन्होंने करियर के बजाय छात्रों के हितों के लिए काम करने का रास्ता चुना। शिरसाट के अनुसार, परिवार चाहता था कि वह विदेश में नौकरी करें, लेकिन अभिजीत ने युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी और उसी सोच से सीजेपी की शुरुआत हुई।
"यह सिर्फ शुरुआत है"
संजय शिरसाट ने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी अभिजीत ने इसका श्रेय स्वयं लेने की कोशिश नहीं की। उनकी सफलता के पीछे समाज और देशभर के युवाओं का समर्थन रहा। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र का एक युवा राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव की चर्चा का केंद्र बना, यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनका मानना है कि यह अभियान आगे भी शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर नई दिशा दे सकता है।