इंसान से ज्यादा इंटेलिजेंट हो गई मशीन तो इसके क्या नतीजे होंगे, एआई को लेकर पृथ्वीराज चव्हाण ने जताई चिंता
महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एआई समिट को लेकर सरकार की तारीफ की तो वहीं उन्होंने कहा कि चिंता का विषय है कि एआई को लेकर सावधानी नहीं बरती जा रही है।
मुंबई। महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एआई समिट को लेकर सरकार की तारीफ की तो वहीं उन्होंने कहा कि चिंता का विषय है कि एआई को लेकर सावधानी नहीं बरती जा रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि भारत जैसे देश में एक ग्लोबल इवेंट हो रहा है, इसके लिए सरकार और मंत्री को बधाई देनी चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि एआई के लिए मौके हैं। हमें कई मौके मिलेंगे और हम बहुत कुछ कर सकते हैं। दूसरी तरफ, एक बड़ा रिस्क यह भी है कि बड़ी संख्या में नौकरियां चली जाएंगी।
अगर एआई आगे बढ़ता है, तो लोग ह्यूमन आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस की बात कर रहे हैं, तो अगर कोई मशीन इंसान से ज्यादा इंटेलिजेंट है, तो उसके क्या नतीजे हो सकते हैं। इस बारे में भी चिंता करना बहुत जरूरी है। मैं समझता हूं कि भारत सरकार एआई के क्या लाभ होंगे, कैसे स्टार्टअप करेंगे, कैसे अवसर मिलेंगे, उस पर ध्यान दे रही है, इसके खतरे पर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर कोई विचार या मंथन नहीं हो रहा है। यह चिंता का विषय है।
मुसलमानों के आरक्षण पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि यह आरक्षण मुसलमानों के लिए नहीं था; यह मुस्लिम, धार्मिक, पिछड़े वर्गों के लिए था। इसके लिए जिस तरह हिंदू समाज में मंडल कमीशन बनाया गया था, और मंडल कमीशन द्वारा हिंदू धार्मिक, पिछड़े वर्गों को चुना गया था, और उन्हें आरक्षण दिया गया था, वही व्यवस्था हमारी सरकार ने 2014 में मुस्लिम, धार्मिक, पिछड़े वर्गों के लिए की थी।
उन्होंने कहा कि मैंने इंडिगो संकट के बारे में अखबार में एक आर्टिकल लिखा था। आप मेरे ट्विटर हैंडल पर आर्टिकल देख सकते हैं। मैंने साफ तौर पर मांग की थी कि सिविल एविएशन मिनिस्टर नायडू तुरंत इस्तीफा दें। इंडिगो का जो हादसा हुआ था, उसके लिए पूरी तरह सिविल एविएशन अथॉरिटी, डीजीसीए के अफसर जिम्मेदार थे। सभी को बर्खास्त करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि बारामती क्रैश को लेकर मैंने इस्तीफा नहीं मांगा है, लेकिन जांच होनी ही चाहिए।