लहर सिंह सिरोया ने पवन खेड़ा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, पूछा- गांधी परिवार के घर में क्यों नहीं ली शरण?

कर्नाटक से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ बीजेपी नेता लहर सिंह सिरोया ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा हमला बोला

Update: 2026-04-08 17:50 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ बीजेपी नेता लहर सिंह सिरोया ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि खेड़ा कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए असम पुलिस से बचते हुए हैदराबाद में इधर-उधर भागने की कोशिश कर रहे हैं।

खेड़ा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन हैं। वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी हैं।

सिरोया ने कहा कि वह खेड़ा की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने दावा किया कि अब कांग्रेस नेताओं के पास देश में छिपने के लिए बहुत कम जगह बची हैं।

सिरोया ने कहा कि यह दिलचस्प है कि खेड़ा ने कर्नाटक को सुरक्षित जगह नहीं माना। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों के कारण खेड़ा को वहां समर्थन मिलना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन मतभेदों की वजह जल्द सामने आएगी।

सिरोया ने कहा कि खेड़ा केरल भी नहीं जा सकते, क्योंकि वहां कांग्रेस और उसके इंडिया गठबंधन के सहयोगी सीपीआई (एम) के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं, साथ ही मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ भी तनाव चल रहा है। तमिलनाडु भी विकल्प नहीं है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव रहा था।

कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए सिरोया ने पूछा कि पार्टी के पास अब सहयोगी कहां बचे हैं? हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी जोखिम हो सकता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सहारा लेना पड़ सकता है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हर जगह अपनी साख खो दी है। उसके पास भरोसेमंद सहयोगी या सुरक्षित राजनीतिक जमीन नहीं बची है। तेलंगाना के लोग नहीं चाहेंगे कि उनका राज्य कांग्रेस की अंदरूनी समस्याओं और विवादों का सुरक्षित ठिकाना बने।

सिरोया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि वह खेड़ा से पुलिस का सामना करने को क्यों नहीं कह रहे हैं? उन्होंने 'डरो मत' संदेश का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या यह इस मामले में लागू नहीं होता? उन्होंने यह भी पूछा कि खेड़ा ने दिल्ली में राहुल गांधी या उनके परिवार के घर में शरण क्यों नहीं ली?

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