कर्नाटक भाजपा राज्य के 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर करेगी विचार

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए जा रहे 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (पीआरसी) को 'अवैध प्रवासियों को बचाने और अपने वोट बैंक को मजबूत करने की एक चाल' बताते हुए उनकी पार्टी पीआरसी की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।;

Update: 2026-07-11 22:40 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने शनिवार को कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए जा रहे 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (पीआरसी) को 'अवैध प्रवासियों को बचाने और अपने वोट बैंक को मजबूत करने की एक चाल' बताते हुए उनकी पार्टी पीआरसी की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस 'पूरी तरह से अतार्किक और असंवैधानिक' कदम के खिलाफ राज्यपाल को एक याचिका भी सौंपेगी।

विजयेंद्र ने कहा कि वह जल्द ही अपनी पार्टी की कानूनी टीम की बैठक बुलाएंगे ताकि कांग्रेस सरकार के इस 'पूरी तरह से असंवैधानिक और अतार्किक कदम' को चुनौती देने के तरीकों पर चर्चा की जा सके।

विजयेंद्र ने कहा, "हम राज्य के संवैधानिक प्रमुख, राज्यपाल को भी एक याचिका सौंपेंगे और उनका ध्यान इस बात की ओर दिलाएंगे कि राज्य सरकार किस तरह केंद्र की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को हड़पने की कोशिश कर रही है।"

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्‍स (एनआरसी) और पीआरसी के मुद्दे पर कांग्रेस के 'दोहरे मापदंडों और दोहरे रवैये' की कड़ी आलोचना की।

विजयेंद्र ने कहा, "जब केंद्र में भाजपा सरकार ने एनआरसी तैयार करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहा तो कांग्रेस पार्टी ने इसका विरोध किया और भारी हंगामा किया। अब, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पीआरसी जारी कर रही है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और अतार्किक है।"

विजयेंद्र के अनुसार, एनआरसी तैयार करने या पीआरसी जारी करने की शक्ति केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है, जो यह तय करता है कि कोई व्यक्ति असली नागरिक है या नहीं।

विजयेंद्र ने कहा, "भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता तय करने का काम पूरी तरह से केंद्रीय गृह मंत्रालय का है। मेरा आरोप है कि कांग्रेस सरकार न केवल केंद्र सरकार के विपरीत काम कर रही है, बल्कि केवल राजनीतिक फायदे के लिए केंद्र की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को भी हड़प रही है।"

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है, राज्य सरकार का पीआरसी जारी करने का फैसला अवैध प्रवासियों को बचाकर और अपने वोट बैंक को मजबूत करके चुनावी लाभ उठाने की एक राजनीतिक साजिश जैसा लगता है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "मेरी पार्टी इस असंवैधानिक और बेतुकी कार्रवाई का राजनीतिक और कानूनी, दोनों तरह से विरोध करेगी। हम इस मामले पर राज्य के संवैधानिक प्रमुख का ध्यान दिलाने के लिए उनसे संपर्क करेंगे। हम कांग्रेस सरकार को भारतीय नागरिकता कानून से जुड़े मामलों में केंद्र की शक्तियों और अधिकारों पर कब्‍जा नहीं करने देंगे।"

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