कर्नाटक CM का दावा- 12 विधायकों ने दो शादियां कीं:बोले- बेंगलुरु आने वाले वापस नहीं जाते

विधानसभा में बेंगलुरु की आबादी और शहर पर बढ़ते दबाव का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि यहां आने वाले लोग वापस नहीं जाते और शहर में ही बस जाते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में रहने वाले करीब एक दर्जन विधायकों की दो शादियां हैं और वह उनकी सूची दे सकते हैं।;

Update: 2026-09-26 10:41 GMT

बेंगलुरु: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के विधानसभा में दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बेंगलुरु में बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण पर चर्चा के दौरान शिवकुमार ने दावा किया कि शहर में रहने वाले करीब एक दर्जन विधायकों की दो शादियां हैं। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उनसे संबंधित विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है। शिवकुमार ने विधानसभा में बेंगलुरु के विस्तार और दूसरे इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों के शहर में आकर बसने का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर दो शादियां करने वाले किसी भी विधायक का नाम सदन में नहीं बताया।

‘बेंगलुरु आने वाले वापस नहीं जाते’

विधानसभा में बेंगलुरु की आबादी और शहर पर बढ़ते दबाव का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि यहां आने वाले लोग वापस नहीं जाते और शहर में ही बस जाते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में रहने वाले करीब एक दर्जन विधायकों की दो शादियां हैं और वह उनकी सूची दे सकते हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में मौजूद भाजपा नेताओं ने उनसे सवाल किया कि यदि उनके पास ऐसे विधायकों की सूची है तो उनके नाम भी बताए जाने चाहिए। हालांकि, शिवकुमार ने अपनी टिप्पणी में किसी विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया।

बेंगलुरु की बढ़ती आबादी का दिया हवाला

शिवकुमार ने अपने वक्तव्य के दौरान बेंगलुरु के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी का भी उल्लेख किया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2011 की जनगणना में बेंगलुरु की आबादी करीब 96 लाख दर्ज की गई थी। वहीं, 2023 की केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक शहर की आबादी बढ़कर करीब 1.36 करोड़ हो गई। यानी करीब 12 वर्षों की अवधि में बेंगलुरु की आबादी में लगभग 40 लाख की वृद्धि का अनुमान सामने आता है। शिवकुमार का तर्क शहर में लगातार बढ़ती आबादी और दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोगों के यहां बसने को लेकर था।

केम्पेगौड़ा से एसएम कृष्णा तक का किया जिक्र

बेंगलुरु के विकास के इतिहास का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने शहर के निर्माण और विस्तार में अलग-अलग नेताओं के योगदान की बात कही। उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा ने बेंगलुरु की नींव रखी, जबकि केंगल हनुमंतैया के कार्यकाल में विधान सौध का निर्माण हुआ। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बेंगलुरु को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। शिवकुमार ने धारवाड़ और दक्षिण कन्नड़ समेत कुछ अन्य जिलों से बेंगलुरु आने वाले विधायकों का भी संदर्भ दिया, लेकिन किसी विधायक का नाम नहीं लिया।

आर. अशोक ने बयान को बताया गैर-जरूरी

शिवकुमार की टिप्पणी पर विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आपत्ति जताई। उन्होंने इस बयान को गैर-जरूरी बताया और कहा कि इसके बाद बेंगलुरु के बाहर से आने वाले विधायकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आर. अशोक ने अपनी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ और वह यहीं पले-बढ़े हैं। भाजपा नेता के मुताबिक, इस तरह की टिप्पणी से विधानसभा में अनावश्यक चर्चा पैदा हुई है।

भाजपा विधायक ने सदन की गरिमा का मुद्दा उठाया

बेंगलुरु की राजाजीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने भी शिवकुमार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि शिवकुमार ने यह बात मजाक में कही हो, लेकिन विधानसभा जैसे सदन में इस प्रकार की टिप्पणी सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र यही है कि शिवकुमार ने जिन करीब 12 विधायकों की दो शादियां होने का दावा किया, उनके नाम उन्होंने सार्वजनिक नहीं किए हैं। भाजपा नेताओं की ओर से लगातार नाम बताए जाने की मांग के बाद यह मुद्दा विधानसभा की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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