राकेश सिन्हा ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर-रामभद्राचार्य को बताया सत्ता द्वारा प्लांट किए गए संत
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और रामभद्राचार्य को सत्ता द्वारा प्लांट किया गया संत बताया है
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और रामभद्राचार्य सत्ता द्वारा प्लांट किए गए संत: राकेश सिन्हा
रांची। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और रामभद्राचार्य को सत्ता द्वारा प्लांट किया गया संत बताया है।
कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया अभिनेता शाहरुख खान की आईपीएल टीम केकेआर में एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदे जाने पर देवकीनंदन ठाकुर और रामभद्राचार्य की आपत्ति जताए जाने के बाद आई है।
रांची में कांग्रेस नेता ने समाचार एजेंसी से बातचीत की। उन्होंने कहा कि केकेआर के मालिक शाहरुख खान की टीम ने बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदा है, इसीलिए देवकीनंदन, रामभद्राचार्य और कई भाजपा नेता ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, 'जब पहलगाम में जिन 26 लोगों ने अपने परिजन खो दिए, वे भी हिंदू थे। उस घटना के तुरंत बाद और सीजफायर के ठीक बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच खेला गया। उस वक्त कथावाचक देवकीनंदन और रामभद्राचार्य कहां थे? उस वक्त भी पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलना चाहिए था, लेकिन तब कुछ नहीं बोले, अब कष्ट हो रहा है। बीसीसीआई ने आईपीएल की इजाजत क्यों दी? बीसीसीआई कौन है? देश के गृहमंत्री से सवाल क्यों नहीं कर रहे हैं?'
उन्होंने कहा कि ऐसे संत केंद्र के इशारे पर बयान दे रहे हैं। स्वाभाविक तौर पर सवाल उठता है। यह सत्ता द्वारा प्लांट किए गए संत हैं। वे सत्ता के इशारे पर बयान देते हैं। भारत-पाकिस्तान के मैच पर बयान सामने नहीं आया था। अगर शाहरुख खान गद्दार हैं तो भारत-पाकिस्तान का मैच आयोजित कराने वाले भी गद्दार हैं।
बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि हर दिन बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। भारत के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चुनावी समर में व्यस्त हैं और बांग्लादेश पर खामोश हैं।
15 अगस्त 2027 तक भारत की पहली बुलेट ट्रेन शुरू करने की केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की घोषणा पर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि सबसे पहले तो, यह असल में बुलेट ट्रेन नहीं है। यह गुजरात की ट्रेन है। यह गुजरात से शुरू होगी और गुजरात में ही खत्म होगी। बिहार में क्यों नहीं? उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं? उत्तराखंड में क्यों नहीं? मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? झारखंड में क्यों नहीं? हमारे लिए कोई बुलेट ट्रेन क्यों नहीं है? सिर्फ गुजरात ही क्यों? ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री को लगता है कि गुजरात अब उनके हाथों से फिसल रहा है। बुलेट ट्रेन के नाम पर जनता को झांसा देने का काम किया जा रहा है। बुलेट ट्रेन सिर्फ एक सपना है।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि विरोध करना हमारा काम है। झारखंड में लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे। राज्य की जनता को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस कमर कस चुकी है, आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।