झारखंडः गिरिडीह गैंगरेप मामले में चार नाबालिगों सहित आठ आरोपियों को पकड़ा
झारखंड के गिरिडीह जिले में 25 जनवरी को दो आदिवासी नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में 25 जनवरी को दो आदिवासी नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले में चार अन्य किशोरों को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों पर तफ्तीश करते हुए हरलाडीह ओपी क्षेत्र के मंझलाडीह गांव निवासी राजेश मुर्मू (26) एवं रविलाल टुडू (23) और धनबाद जिले के मनियाडीह थाना क्षेत्र के मछियारा गांव निवासी संजय टुडू (21) और सोहन टुडू (23) को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा, घटना की साजिश में शामिल चार किशोरों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया है। वारदात के बाद पीड़िताओं ने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण वे प्रारंभिक तौर पर आरोपियों की स्पष्ट पहचान नहीं कर सकीं। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया, जिसमें दो प्रशिक्षु डीएसपी समेत कई थानों के अनुभवी और महिला पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया।
जांच टीम ने घटनास्थल, आसपास के क्षेत्रों और मेला स्थल तक हर पहलू की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िताओं से संवाद बनाया, जिससे महत्वपूर्ण सुराग सामने आए। इसी क्रम में यह तथ्य उजागर हुआ कि घटना से पहले पीड़िताओं में से एक की मुलाकात उसके पूर्व प्रेमी से हुई थी। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस उस लड़के तक पहुंची, जो नाबालिग पाया गया।
बाल संरक्षण विभाग की मौजूदगी में की गई पूछताछ में किशोर ने स्वीकार किया कि उसके कहने पर आठ युवकों और किशोरों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि चार किशोरों को निरुद्ध किया गया। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि यह गिरफ्तारी न्याय की दिशा में एक अहम कदम है और पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िताओं की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।