जम्मू एवं कश्मीर सरकार का चुनावी मुद्दों पर प्रदर्शन औसत से नीचे : एडीआर
जम्मू एवं कश्मीर सरकार का प्रदर्शन रोजगार, स्वास्थ्य देखभाल, स्कूली शिक्षा और आतंकवाद सहित मतदाताओं के अधिकतर मुद्दों पर औसत से नीचे रहा है
नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर सरकार का प्रदर्शन रोजगार, स्वास्थ्य देखभाल, स्कूली शिक्षा और आतंकवाद सहित मतदाताओं के अधिकतर मुद्दों पर औसत से नीचे रहा है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
सोमवार को जारी चुनाव निगरानी संस्था के 'जम्मू एवं कश्मीर सर्वे 2018' में कहा गया कि सरकार का प्रदर्शन कृषि ऋण और बेहतर सड़कें मुहैया कराने में भी खराब रहा।
यह सर्वे अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2018 के बीच किया गया। राज्य में 20 जून 2018 से केंद्र सरकार द्वारा शासन किया जा रहा है। पहले राज्यपाल शासन लगा और अब राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।
राज्य भर में मतदाताओं की सबसे बड़ी चिंता हैं रोजगार अवसर (69.23 फीसदी), स्कूली शिक्षा (57.36 फीसदी) और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र (41.78 फीसदी)।
वहीं ग्रामीण हिस्सों में रोजगार अवसर (71 फीसदी), स्कूली शिक्षा (64 फीसदी) और कृषि ऋण उपलब्धता (42 फीसदी) चिंता का विषय है। शहरी मतदाताओं के लिए नौकरियां (63 फीसदी), यातायात भीड़भाड़ (60 फीसदी) और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं (60 फीसदी) चिंता का सबब बनी हुई हैं।