केरल में बाढ़ पर जयराम रमेश बोले, काश! पश्चिमी घाट की इकोलॉजी रिपोर्ट लागू हुई होती

  केरल में एक बार फिर आई भारी बाढ़ के मद्देनजर पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने रविवार को अफसोस जताया कि पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) रिपोर्ट 10 साल बाद भी लागू नहीं हुई है

Update: 2021-10-18 02:24 GMT

नई दिल्ली।  केरल में एक बार फिर आई भारी बाढ़ के मद्देनजर पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने रविवार को अफसोस जताया कि पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) रिपोर्ट 10 साल बाद भी लागू नहीं हुई है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "केरल में जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो माधव गाडगिल की 2011 की पश्चिमी घाट इकोलॉजी विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट को याद किया जाता है। एक दशक बाद भी यह लागू नहीं हुआ है-2018 और 2020 में विनाशकारी बाढ़ के बावजूद।"

केरल कम से कम तीन जिलों में अत्यधिक बाढ़ का सामना कर रहा है और राज्य के राजस्व विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों में भारी बारिश और भूस्खलन में कम से कम 25 लोगों की जान चली गई है।

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