यमन ने किए हूती ठिकानों पर हवाई हमले

अदन (यमन), यमन की ओर से बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए गए।;

By :  IANS
Update: 2026-09-05 07:12 GMT

अदन (यमन), यमन की ओर से बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। एक सैन्य अधिकारी की ओर से सिन्हुआ को बताया गया कि यमन के लड़ाकू विमानों ने होदेइदाह और ताइज के पश्चिमी प्रांतों में हूती-कब्जे वाले इलाकों पर हमले किए। ये हमले रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास हूती गुट के बड़े हमले का सामना कर रही जमीनी सेना की मदद के लिए किए गए।

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार (स्थानीय समय) को ये हवाई हमले तब हुए जब इन दो प्रांतों में कई मोर्चों पर जबरदस्त लड़ाई चल रही थी। इन इलाकों में हूती लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में तेजी से आगे बढ़ते हुए बढ़त बनाई थी। अधिकारी ने बताया कि लड़ाकू विमानों ने उन इलाकों में हूती ठिकानों और उनकी गतिविधियों को निशाना बनाया जहां जमीनी लड़ाई चल रही थी। हमलों या हताहतों के बारे में तुरंत कोई और जानकारी नहीं मिल पाई।

हूती सेना के एक सूत्र ने हमलों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि ये 'सऊदी आक्रामक लड़ाकू विमानों' द्वारा किए गए थे। सऊदी अरब ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

जैसे-जैसे लड़ाई तेज हुई, यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (पीएलसी) के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने शुक्रवार को संकल्प लिया कि सरकारी सेनाएं हूती लड़ाकों को बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) की ओर बढ़ने से रोकेंगी। यह जलमार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है।

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह शुरू हुई इस ताजा हमले में अब तक कम से कम 90 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 40 सरकारी सैनिक और कम से कम 50 हूती लड़ाके शामिल हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को दोनों पक्षों ने इन दो मोर्चों पर और सैनिक, बख्तरबंद गाड़ियां और उपकरण भेजे थे।

यह ताजा हमला हाल के वर्षों में पश्चिमी यमन में हुई सबसे भीषण जमीनी लड़ाइयों में से एक है। इससे देश के कई मोर्चों पर बरसों की अपेक्षाकृत शांति के बाद बड़े पैमाने पर लड़ाई फिर से शुरू होने की चिंता बढ़ गई है।

बता दें कि यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके अगले साल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हस्तक्षेप किया था।

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