हूती विद्रोहियों के हमले से बढ़ा यमन में संकट

संयुक्त राष्ट्र, यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने कहा है कि हाल के दिनों में हूती लड़ाकों की ओर से विभिन्न मोर्चों पर किए गए हमले 'बेहद चिंताजनक घटनाक्रम' हैं, जो संघर्ष को और ज्यादा फैलाने का खतरा पैदा कर रहे हैं।;

By :  IANS
Update: 2026-09-08 05:45 GMT

संयुक्त राष्ट्र, यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने कहा है कि हाल के दिनों में हूती लड़ाकों की ओर से विभिन्न मोर्चों पर किए गए हमले 'बेहद चिंताजनक घटनाक्रम' हैं, जो संघर्ष को और ज्यादा फैलाने का खतरा पैदा कर रहे हैं।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जारी एक बयान में ग्रंडबर्ग ने कहा कि आम नागरिकों के मारे जाने और घायल होने, परिवारों के विस्थापित होने और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें गहरी चिंता पैदा करने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि अगर बड़े पैमाने पर लगातार लड़ाई फिर से शुरू होती है, तो इसके नागरिकों पर गंभीर असर पड़ेंगे और राजनीतिक समाधान तक पहुंचने का रास्ता, जो पहले से ही मुश्किल है और भी कठिन हो जाएगा।

ग्रंडबर्ग ने सभी पक्षों से अपील की कि वे सभी तरह की लड़ाई और हिंसा रोकें, अधिकतम संयम बरतें और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए मौजूदा संवाद के रास्तों का इस्तेमाल करें। इनमें संयुक्त राष्ट्र की मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी भी शामिल है।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि वह मौजूदा तनाव को नियंत्रित करने और बातचीत के लिए जगह बनाए रखने के उद्देश्य से सभी पक्षों के साथ सीधे संपर्क में बने रहेंगे। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय देशों से भी अपील की कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल हालात को शांत करने के लिए करें।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यमन में हूती लड़ाकों और सरकारी बलों के बीच संघर्ष कई इलाकों में फैल गया है। सोमवार को सरकारी बलों ने उत्तरी अल-जौफ प्रांत में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जबकि हूती लड़ाके पश्चिमी ताइज प्रांत को सरकार के नियंत्रण वाले लाल सागर के बंदरगाह शहर मोचा से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों को काटने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा वे रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर भी बढ़ रहे हैं।

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बख्तरबंद वाहनों के समर्थन से सरकारी बलों ने अल-जौफ प्रांत की राजधानी अल-हज्म के पूर्व में स्थित हूती नियंत्रण वाले अल-लबानात सैन्य अड्डे की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि लड़ाई जारी रहने के बीच सरकारी बल इस ठिकाने को चारों तरफ से घेर रहे हैं।

अधिकारी के अनुसार, जमीनी अभियान से पहले पिछले 48 घंटों के दौरान इस सैन्य अड्डे पर कई हवाई हमले किए गए थे। इन हमलों में हूती संगठन का कमांड और कंट्रोल सेंटर तथा हथियारों के भंडार नष्ट कर दिए गए, जिससे वहां उनकी रक्षा क्षमता कमजोर पड़ गई।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हूती लड़ाकों को मजबूर करना है कि वे दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत और उसके पड़ोसी लाल सागर तट वाले होदेइदा प्रांत से अपने कुछ लड़ाकों को हटाएं। इन दोनों इलाकों में पिछले चार दिनों से भीषण लड़ाई चल रही है, जिसमें दोनों पक्षों के कम से कम 117 लड़ाके मारे जा चुके हैं।

यमन साल 2014 के अंत से संघर्ष की चपेट में है। उस समय हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हस्तक्षेप किया था।

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