अमेरिकी शांति दूतों के जाते ही टूटा युद्धविराम
कीव, रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिकी शांति दूतों की बातचीत का भी कोई असर नहीं दिखाई दिया।;
कीव, रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिकी शांति दूतों की बातचीत का भी कोई असर नहीं दिखाई दिया। दोनों देशों की ओर से तीन दिन तक युद्धविराम पर बनी सहमति कुछ ही घंटों में धराशाई हो गई। सोमवार रात ही रूस ने राजधानी कीव और कई अन्य इलाकों पर बड़े पैमाने हमले किए। इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दस लोग घायल हो गए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि कीव और इस इलाके के साथ-साथ कई दूसरे इलाकों में भी, रूसी हमले के बाद के हालात से निपटने के लिए रात से ही काम चल रहा है। यह एक बड़ा ही घातक हमला था, जिसे रूसियों ने जानबूझकर ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया। रूसियों ने बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज और एंटी-शिप मिसाइलें, जेट से चलने वाली 'शाहेड्स' का इस्तेमाल किया।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर रूस की इस आक्रामक कार्रवाई की जानकारी साझा की।
मंत्रालय ने पोस्ट में लिखा, अमेरिकी राष्ट्रपति के शांति दूतों के कीव से रवाना होने के कुछ ही घंटों बाद रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और देश के कई अन्य इलाकों पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर हमला कर दिया। कीव में हुए इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम दस अन्य लोग घायल हुए हैं। हमलों से राजधानी में रिहायशी इमारतों और अन्य नागरिक ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।''
मंत्रालय ने बताया कि कीव क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वहीं, ओडेसा क्षेत्र में रूस ने एक सामान्य बाजार पर हमला किया। खार्किव में दो लोग घायल हुए, जहां एक अपार्टमेंट की बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा। सुमी क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक रेलवे स्टेशन पर खड़े रेल इंजन पर हमला किया गया। इसके अलावा, जापोरिज्जिया और निप्रो क्षेत्रों में भी हमले किए गए।
मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेनी रक्षा बलों ने रातभर में 175 हवाई लक्ष्यों को मार गिराया लेकिन सभी खतरों को रोक पाना संभव नहीं हो सका। खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना अभी भी काफी मुश्किल बना हुआ है।
यूक्रेन लगातार अपने अमेरिकी और यूरोपीय सहयोगियों के सामने अधिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की तत्काल जरूरत का मुद्दा उठा रहा है। आज उन देशों और कंपनियों के साथ भी बैठकें हो रही हैं जो यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने और उसकी 'फ्रेया' एंटी-बैलिस्टिक प्रणाली को समर्थन देने में मदद कर सकती हैं। यूक्रेन को मिलने वाला हर एयर डिफेंस सिस्टम लोगों की जान बचाने में मदद करता है।