एस जयशंकर का कतर दौरा समाप्त
नई दिल्ली, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 5 से लेकर 15 जुलाई तक छह देशों के दौरे पर हैं। पहले चरण में वो कतर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री महामहिम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की और ऊर्जा एवं व्यापार समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के दायरे की समीक्षा की।;
नई दिल्ली, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 5 से लेकर 15 जुलाई तक छह देशों के दौरे पर हैं। पहले चरण में वो कतर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री महामहिम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की और ऊर्जा एवं व्यापार समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के दायरे की समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 5 जुलाई को अपना कतर दौरा खत्म किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री महामहिम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी के साथ बैठक की। उन्होंने ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संबंधों पर फोकस करते हुए द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने चल रही अमेरिका-ईरान बातचीत में कतर द्वारा निभाई गई प्रमुख और सक्रिय मध्यस्थता भूमिका की सराहना की।
विदेश मंत्री ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और क्षेत्रीय संघर्ष के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान उनके लचीलेपन की सराहना की और भारत-कतर साझेदारी को गहरा करने की उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
कतर यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोहा में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने कतर समाज के प्रति उनके योगदान की तारीफ की। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने में उनके अनुभव और सुझाव अहम भूमिका निभाएंगे।
कतर की यात्रा में दोहा पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "रविवार शाम कतर में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से अच्छी मुलाकात हुई। हमने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र के साथ हमारे रिश्तों में भारतीय समुदाय का कल्याण हमेशा एक अहम प्राथमिकता है। इन मुश्किल समय में कतर के समाज के लिए उनका समर्पण और योगदान सचमुच सराहनीय है और इसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है।"
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत-कतर साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए उनके अनुभव और सुझाव हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, जयशंकर पांच जुलाई से दस जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरे का उद्देश्य इन चारों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना, क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करना और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों पर चर्चा की और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर बात की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मिलकर खुशी हुई। मैंने भारत के लोगों की सुरक्षा और उनके अच्छे हाल-चाल का ध्यान रखने के लिए उनका धन्यवाद किया। हमने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों समेत हमारे द्विपक्षीय सहयोग के कई पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके असर को लेकर अपने विचार भी साझा किए, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं।"