श्रीलंका की जेल में खूनी बवाल, हिंसा में 23 की मौत; 100 से अधिक घायल

श्रीलंका की कोलंबो हाई-सिक्योरिटी जेल में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में 23 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल। ड्रग्स तस्करी विवाद और संगठित अपराध नेटवर्क की जांच जारी।;

Update: 2026-07-06 10:53 GMT
कोलंबो। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित एक हाई-सिक्योरिटी जेल में हुई भीषण हिंसा ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जेल के भीतर दो कैदी गुटों के बीच भड़की हिंसक झड़प में चार जेल गार्ड और 19 कैदियों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह पिछले छह वर्षों में श्रीलंका की जेलों में हुई सबसे घातक हिंसक घटना मानी जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना देर रात उस समय शुरू हुई जब ड्रग्स तस्करी से जुड़े दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि जेल प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाने पड़े।

अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों का इलाज जारी

हिंसा में घायल कैदियों और जेल कर्मियों को तत्काल कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोम्बो सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुल 23 शव अस्पताल लाए गए, जबकि 100 से अधिक घायल उपचाराधीन हैं।

अस्पताल की निदेशक पुष्पा गामलाथ ने बताया कि कई घायलों को गोली लगी है, जबकि अन्य को धारदार हथियारों से गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है और कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

ड्रग्स तस्करी के विवाद से जुड़ी हो सकती है हिंसा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल के भीतर कथित ड्रग्स तस्करी गतिविधियों को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से तनाव था। एक गुट पर जेल के अंदर अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप है, जबकि दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं जेल के भीतर सक्रिय संगठित आपराधिक नेटवर्क ने इस हिंसा को भड़काने या बढ़ाने में कोई भूमिका तो नहीं निभाई।

हालात काबू करने के लिए STF की तैनाती

स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर श्रीलंकाई प्रशासन ने पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और दंगा नियंत्रण इकाइयों को जेल परिसर में तैनात किया। सुरक्षा बलों ने कई घंटे की कार्रवाई के बाद हालात पर काबू पाया।

आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। एहतियात के तौर पर तीन कैदियों को दूसरी जेल, पल्लनसेना जेल कैंप, स्थानांतरित किया गया है।

जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

अधिकारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की गतिविधियों और अवैध नेटवर्क की संभावित भूमिका की गहन जांच की जाएगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जेल सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

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