उत्तर कोरिया : जापान के रक्षा बजट को कहा 'युद्ध की तैयारी'

सोल, उत्तर कोरिया ने शनिवार को जापान के अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित रिकॉर्ड रक्षा बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे ‘‘युद्ध की तैयारी’’ करार दिया। प्योंगयांग ने चेतावनी दी कि वह जापान के सैन्य विस्तार का ‘‘पूरी ताकत से मुकाबला’’ करेगा।;

By :  IANS
Update: 2026-08-22 06:47 GMT

सोल, उत्तर कोरिया ने शनिवार को जापान के अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित रिकॉर्ड रक्षा बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे ‘‘युद्ध की तैयारी’’ करार दिया। प्योंगयांग ने चेतावनी दी कि वह जापान के सैन्य विस्तार का ‘‘पूरी ताकत से मुकाबला’’ करेगा।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जापान के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को अगले वित्त वर्ष के लिए 8.9 ट्रिलियन येन (लगभग 60 अरब डॉलर यानी 5.74 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड रक्षा बजट का अनुरोध किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष के अंत में अंतिम बजट करीब 10 ट्रिलियन येन तक पहुंच सकता है।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित एक टिप्पणी के हवाले से कहा कि जापान के सैन्य बजट में यह भारी वृद्धि क्षेत्र और दुनिया में ‘‘नए तनाव’’ को जन्म देने वाला खतरनाक कदम है।

उत्तर कोरिया ने आरोप लगाया कि जापान का बढ़ता सैन्य खर्च केवल रक्षा के लिए नहीं, बल्कि ‘‘आक्रामक अंदाज में युद्ध की तैयारियों’’ को पूरा करने के लिए हथियारों के जमावड़े का हिस्सा है। प्योंगयांग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय जापान के सैन्य विस्तार को स्वीकार नहीं करेगा और इसका मिलकर मुकाबला किया जाएगा।

केसीएनए की टिप्पणी में जापान द्वारा अमेरिका निर्मित टॉमहॉक मिसाइलों को शामिल किए जाने की भी निंदा की गई। उत्तर कोरिया ने जापान के बढ़ते सैन्य खर्च पर सवाल उठाते हुए उसके राष्ट्रीय कर्ज का भी उल्लेख किया, जो पिछले साल के अंत में रिकॉर्ड 1,343 ट्रिलियन येन बताया गया था।

प्योंगयांग ने जापान के इस तर्क को भी खारिज किया कि सैन्य क्षमता का विस्तार ‘‘रक्षा’’ और ‘‘आत्मरक्षा’’ के लिए है। उत्तर कोरिया के अनुसार, भारी मात्रा में सरकारी धन खर्च करने का उद्देश्य शांतिपूर्ण राष्ट्र का निर्माण करना नहीं हो सकता।

जापान का रक्षा बजट बढ़ाने का कदम ऐसे समय आया है जब पूर्वी एशिया में सुरक्षा चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। जापान अपनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता और अन्य सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में मार्च 2026 में कुमामोटो में लंबी दूरी की मिसाइलों की तैनाती से जुड़े कदम भी उठाए गए थे।

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