एप्सटीन फाइल्स का बड़ा खुलासा: 30 लाख से अधिक दस्तावेज सार्वजनिक, बिल गेट्स समेत कई हाई प्रोफाइल नामों का जिक्र

रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक दस्तावेजों में कुछ ईमेल और कथित बयानों का उल्लेख है, जिनमें एप्सटीन ने माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के बारे में दावे किए हैं। इनमें आरोप है कि गेट्स को रूसी महिलाओं के साथ संबंधों के बाद यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ था।

Update: 2026-01-30 22:11 GMT

वॉशिंगटन। अमेरिका के न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) ने यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़े जांच रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा शुक्रवार को सार्वजनिक कर दिया। यह कदम ‘एप्सटीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि सरकार को नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और एप्सटीन के प्रभावशाली लोगों से संबंधों के बारे में क्या जानकारी थी।

डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश के अनुसार, इस चरण में 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज जारी किए गए हैं। ये रिकॉर्ड न्याय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें वे फाइलें भी शामिल हैं, जिन्हें दिसंबर में हुई शुरुआती रिलीज के दौरान रोक लिया गया था। हालांकि, विभाग ने यह भी बताया कि कुल 52 लाख पन्नों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखने और चल रही जांचों को प्रभावित होने से बचाने के लिए सैकड़ों वकीलों को इस प्रक्रिया में लगाया गया है।

कानून के तहत पारदर्शिता की पहल

‘एप्सटीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ लंबे सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद पारित हुआ था। आलोचकों का आरोप रहा है कि एप्सटीन के प्रभावशाली और अमीर लोगों से संबंधों के चलते कई जानकारियां वर्षों तक सार्वजनिक नहीं की गईं। कांग्रेस द्वारा तय 19 दिसंबर की समयसीमा विभाग से चूक गई थी, जिसके बाद आलोचना और तेज हो गई। क्रिसमस से ठीक पहले जारी हजारों पन्नों में कई दस्तावेज पहले से सार्वजनिक थे या उनमें भारी संपादन (रेडक्शन) किया गया था। नवीनतम रिलीज में अपेक्षाकृत अधिक सामग्री सामने आई है, हालांकि कई हिस्सों को गोपनीय रखा गया है।

बिल गेट्स से जुड़े दावे

रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक दस्तावेजों में कुछ ईमेल और कथित बयानों का उल्लेख है, जिनमें एप्सटीन ने माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के बारे में दावे किए हैं। इनमें आरोप है कि गेट्स को रूसी महिलाओं के साथ संबंधों के बाद यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ था। एक ईमेल में कथित रूप से यह भी लिखा गया है कि गेट्स ने एप्सटीन से एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं, ताकि वे उन्हें अपनी पत्नी (तत्कालीन पत्नी) मेलिंडा गेट्स को बिना जानकारी दिए दे सकें। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी अदालत ने इन्हें प्रमाणित किया है। दस्तावेजों में शामिल सामग्री आरोपों और दावों के रूप में दर्ज है, जिन्हें सत्यापित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जा रहा है।

गेट्स ने जताया था पछतावा

बिल गेट्स पहले सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि उन्हें एप्सटीन के साथ अपने संबंधों पर पछतावा है। 2019 में उन्होंने कहा था कि उनका एप्सटीन के साथ कोई कारोबारी या निजी संबंध नहीं था और वे किसी पार्टी या निजी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। हालांकि मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि 2011 से 2013 के बीच गेट्स ने एप्सटीन से कई बार मुलाकात की थी। इनमें न्यूयॉर्क स्थित उसके आवास पर देर रात तक रुकना और निजी विमान से यात्रा करना भी शामिल बताया गया। गेट्स ने बार-बार किसी भी प्रकार की अवैध या अनुचित गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है।

तलाक और विवाद

बिल और मेलिंडा गेट्स की शादी 1994 में हुई थी। 2021 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद मेलिंडा गेट्स ने कहा था कि एप्सटीन से गेट्स के संबंध उनके रिश्ते में तनाव की एक बड़ी वजह थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एप्सटीन से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद 2019 में मेलिंडा ने वकीलों से सलाह ली थी। हालांकि तलाक की कानूनी प्रक्रिया में निजी कारणों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया।

फ्लाइट लॉग में बड़े नाम

जारी दस्तावेजों में 1990 के दशक के फ्लाइट लॉग भी शामिल हैं। इन लॉग में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप जैसे हाई-प्रोफाइल नामों का उल्लेख पहले भी सामने आ चुका है। हालांकि इन नामों का फ्लाइट लॉग में होना किसी अपराध का प्रमाण नहीं माना जाता। संबंधित व्यक्तियों ने किसी भी गलत गतिविधि से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें एप्सटीन की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लाइट लॉग में नाम का होना केवल यात्रा का संकेत देता है, न कि अवैध कार्यों में संलिप्तता का।

एप्सटीन की मौत और मैक्सवेल की सजा

जेफ्री एप्सटीन को 2019 में यौन तस्करी और नाबालिगों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसी वर्ष अगस्त में न्यूयॉर्क की एक संघीय जेल में उन्होंने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। उनकी मौत ने कई सवाल खड़े किए थे, जिनमें जेल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं शामिल थीं। 2021 में एप्सटीन की करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को यौन तस्करी और नाबालिगों को शोषण के लिए तैयार करने का दोषी ठहराया गया। उन्हें 20 वर्ष की सजा सुनाई गई और वे वर्तमान में जेल में हैं।

पारदर्शिता बनाम गोपनीयता की बहस

एप्सटीन फाइल्स की सार्वजनिक रिलीज ने पारदर्शिता और गोपनीयता के बीच संतुलन की बहस को फिर से तेज कर दिया है। एक ओर पीड़ितों के समर्थक और पारदर्शिता के पक्षधर चाहते हैं कि सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। दूसरी ओर न्याय विभाग का कहना है कि कुछ सूचनाएं गोपनीय रखना आवश्यक है, ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रहे और चल रही जांच प्रभावित न हो। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेजों की समीक्षा और संपादन एक जटिल प्रक्रिया है। 52 लाख पन्नों की छंटनी में समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक दबाव ने इस प्रक्रिया को और संवेदनशील बना दिया है।

विवाद का विषय बना

न्याय विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में और दस्तावेज सार्वजनिक किए जा सकते हैं। फिलहाल जारी फाइलों का विश्लेषण मीडिया, कानूनी विशेषज्ञों और आम जनता द्वारा किया जा रहा है। एप्सटीन कांड वर्षों से अमेरिकी राजनीति और समाज में विवाद का विषय बना हुआ है। प्रभावशाली व्यक्तियों से उसके संबंधों और संभावित संरक्षण को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। ताजा दस्तावेजों की रिलीज ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि इनमें दर्ज कई आरोप अभी भी अप्रमाणित हैं और कानूनी रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या इन फाइलों से कोई नई आपराधिक कार्रवाई या राजनीतिक प्रभाव सामने आता है, या यह मामला मुख्य रूप से पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस तक सीमित रह जाएगा।

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