पाकिस्तान का अफगानिस्तान के काबुल में बड़ा हमला, एयर स्ट्राइक में 400 लोगों की मौत, 250 घायल

हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी 31 वर्षीय ओमिद स्तानिकज़ई जो अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं ने बताया कि हमले से पहले इलाके में असामान्य हलचल देखी गई थी।

Update: 2026-03-17 04:52 GMT
काबुल। Pakistan Airstrike: पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले कई दिनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें और हमले जारी हैं। इस बीच काबुल में हुए एक कथित हवाई हमले को लेकर विवाद और गहरा गया है, जिसने क्षेत्रीय स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने काबुल में एक अस्पताल को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

अस्पताल पर हमले का आरोप

इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत के अनुसार, सोमवार देर रात पाकिस्तान की ओर से काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। फ़ितरत के मुताबिक, हमले के बाद अस्पताल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां आग लग गई। बचाव दल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

चश्मदीद ने सुनाई हमले की कहानी

हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी 31 वर्षीय ओमिद स्तानिकज़ई जो अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं ने बताया कि हमले से पहले इलाके में असामान्य हलचल देखी गई थी। उनके अनुसार, “हमने आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनी। चारों तरफ सैन्य गतिविधि बढ़ गई थी। कुछ देर बाद तेज धमाके हुए और इमारत में आग लग गई।” उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले में प्रभावित सभी लोग आम नागरिक थे।

पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज

अफगानिस्तान के इन गंभीर आरोपों को पाकिस्तान ने सिरे से नकार दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी भी अस्पताल या नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया। पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि काबुल और पूर्वी अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में की गई कार्रवाई केवल सुरक्षा से जुड़े लक्ष्यों तक सीमित थी और इसमें किसी नागरिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा।

राशिद खान ने जताई नाराजगी, यूएन से की अपील

अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने भी इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए नागरिकों के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की। राशिद खान ने लिखा कि नागरिकों के घरों, शैक्षणिक संस्थानों और चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में अफगान जनता के साथ एकजुटता भी जताई और कहा कि देश इस कठिन समय से उबर जाएगा।

सीमा पर झड़पों के बाद बढ़ा तनाव

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं। अफगान अधिकारियों के अनुसार, हमले से कुछ घंटे पहले ही दोनों देशों की साझा सीमा पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर बढ़ती झड़पों और जवाबी कार्रवाई ने हालात को और जटिल बना दिया है।

तीन हफ्तों से जारी है संघर्ष

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव नया नहीं है, लेकिन हाल के हफ्तों में इसमें तेजी आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संघर्ष अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे गंभीर टकरावों में से एक माना जा रहा है। इस तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयर स्ट्राइक की थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच हमलों और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है।

क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच बढ़ती चिंता

पश्चिम एशिया में पहले से ही ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता टकराव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नया खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर न सिर्फ इन दोनों देशों पर, बल्कि पूरे दक्षिण और मध्य एशिया पर पड़ सकता है।


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