पाकिस्तान में 'भारतीय एजेंट़स' का खौफ, अब तक मारे गए लश्कर के 30 से ज्‍यादा कमांडर

रिजवान हनीफ के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में लश्कर के कई सदस्य मारे गए हैं। उसने पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए 30 से अधिक आतंकियों की मौत का दावा किया।;

Update: 2026-08-04 07:33 GMT

इस्‍लामाबाद: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को लेकर पाकिस्तान अधिकृत  जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में गतिविधियों से जुड़े एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में लश्कर के एक कथित शीर्ष कमांडर रिजवान हनीफ ने दावा किया है कि संगठन के 30 से अधिक बड़े कमांडर अलग-अलग स्थानों पर मारे जा चुके हैं। वीडियो में किए गए दावों की सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। एजेंसियों के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति लश्कर से जुड़ा एक वांछित आतंकी हो सकता है।

रिजवान ने सार्वजनिक संबोधन में किए दावे

रिपोर्टों के अनुसार, रिजवान हनीफ ने किसी निजी बैठक के बजाय सार्वजनिक कार्यक्रम में यह दावा किया। उसने कहा कि पेशावर से लेकर रावलपिंडी और गुलाम जम्मू-कश्मीर तक लश्कर से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। वीडियो में उसने दावा किया कि संगठन के कई कमांडरों की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ कमांडर को मुजफ्फराबाद में भारतीय एजेंसियों से जुड़े लोगों ने निशाना बनाया।

तीन-चार वर्षों में कई हत्याओं का दावा

रिजवान हनीफ के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में लश्कर के कई सदस्य मारे गए हैं। उसने पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए 30 से अधिक आतंकियों की मौत का दावा किया। सुरक्षा एजेंसियां इस वीडियो में किए गए सभी दावों की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की विस्तृत जांच जरूरी है।

लश्कर की गतिविधियों पर फिर उठे सवाल

लश्कर-ए-तैयबा को भारत और अन्य देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार संगठन माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2005 में अल-कायदा और तालिबान से जुड़े प्रतिबंधों के तहत लश्कर से संबंधित प्रतिबंध लगाए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वीडियो में किए गए दावे सही पाए जाते हैं, तो यह पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके अंदरूनी हालात पर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।

पाकिस्तान की भूमिका पर उठे सवाल

वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा मामलों से जुड़े अधिकारियों ने पाकिस्तान की आतंकी संगठनों को लेकर नीति पर सवाल उठाए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रिजवान के बयान से यह संकेत मिलता है कि लश्कर की गतिविधियां अब भी पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में मौजूद हो सकती हैं। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसने आतंकी संगठनों पर कार्रवाई की है, लेकिन ऐसे वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े करते हैं।

आतंकी संगठनों में बढ़ते डर का संकेत

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आतंकी संगठनों के अंदरूनी संघर्ष, नेतृत्व संकट और कमांडरों की हत्याओं की खबरें संगठनात्मक अस्थिरता का संकेत हो सकती हैं। रिजवान हनीफ के कथित बयान में भी संगठन के भीतर असुरक्षा और भय का माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच आवश्यक है।

वीडियो की जांच जारी

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां वीडियो के स्रोत, इसमें मौजूद व्यक्ति की पहचान और किए गए दावों की सत्यता की जांच कर रही हैं। यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो यह लश्कर-ए-तैयबा की मौजूदा स्थिति और पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क की सक्रियता को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क को लेकर सुरक्षा चिंताओं को सामने ला दिया है।

Tags:    

Similar News