वॉशिंगटन: अमेरिका में निवेश के जरिए स्थायी निवास हासिल करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) ने EB-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम से जुड़ी कई अहम याचिकाओं की फीस में भारी बढ़ोतरी को अंतिम रूप दे दिया है। नए शुल्क ढांचे के तहत कुछ आवेदन फीस दोगुने से भी अधिक हो गई है। यह बदलाव 30 नवंबर से प्रभावी होगा। फीस में इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन विदेशी निवेशकों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में पूंजी निवेश के साथ रोजगार पैदा करके ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में हैं।
क्या है EB-5 निवेशक कार्यक्रम?
अमेरिकी कांग्रेस ने वर्ष 1990 में EB-5 कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विदेशी निवेश को अमेरिका में आकर्षित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। कार्यक्रम के तहत योग्य विदेशी निवेशक, उनके जीवनसाथी और 21 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बच्चे स्थायी निवास की प्रक्रिया में आगे बढ़ सकते हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत निवेशक को अमेरिका में पात्र व्यावसायिक परियोजना में निवेश करना होता है और उससे कम से कम 10 पूर्णकालिक नौकरियां पैदा करनी होती हैं। टारगेटेड एम्प्लॉयमेंट एरिया (TEA) और कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए न्यूनतम निवेश करीब 8 लाख डॉलर है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह सीमा करीब 10.5 लाख डॉलर है।
आवेदन फीस में बड़ा इजाफा
नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा चर्चा उन फीस की है, जिनका भुगतान निवेशक सीधे USCIS को करते हैं। फॉर्म I-526, यानी स्टैंडअलोन निवेशक याचिका की फीस 3,675 डॉलर से बढ़ाकर 7,615 डॉलर कर दी गई है। यानी निवेशकों को पहले की तुलना में करीब दोगुने से अधिक शुल्क देना होगा। वहीं, रीजनल सेंटर के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए फॉर्म I-526E की फीस 3,675 डॉलर से बढ़कर 7,850 डॉलर हो गई है। इसमें 75 डॉलर का तकनीकी शुल्क और इन्वेस्टर इंटीग्रिटी फीस भी शामिल है। इसके अलावा, निवेश की शर्तों को पूरा करने के बाद स्थायी निवास की शर्तें हटाने के लिए दाखिल किए जाने वाले फॉर्म I-829 की फीस भी 3,750 डॉलर से बढ़ाकर 5,000 डॉलर कर दी गई है।
रीजनल सेंटर पर भी बढ़ा आर्थिक बोझ
नई फीस का असर केवल व्यक्तिगत निवेशकों तक सीमित नहीं है। EB-5 रीजनल सेंटर संचालित करने वाली संस्थाओं पर भी शुल्क का बोझ बढ़ाया गया है। फॉर्म I-956 की शुरुआती फीस 17,795 डॉलर से बढ़ाकर 44,115 डॉलर कर दी गई है। वहीं, फॉर्म I-956F के लिए फीस 42,675 डॉलर तय की गई है। पुराने आवेदनों में संशोधन से जुड़े मामलों के लिए नया फॉर्म I-527 भी पेश किया गया है, जिसकी फीस 10,330 डॉलर होगी।
इंटीग्रिटी फीस में भी बढ़ोतरी
USCIS ने EB-5 कार्यक्रम में निगरानी और अनुपालन से जुड़ी इंटीग्रिटी फीस में भी संशोधन किया है। छोटे रीजनल सेंटर के लिए यह भुगतान 10,000 डॉलर से बढ़कर 11,000 डॉलर और बड़े केंद्रों के लिए 20,000 डॉलर से बढ़कर 22,000 डॉलर हो गया है। भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।
USCIS ने बताई फीस बढ़ाने की वजह
USCIS का कहना है कि एजेंसी अपने संचालन के लिए मुख्य रूप से आवेदकों से मिलने वाली फीस पर निर्भर है। एजेंसी के मुताबिक आवेदन की समीक्षा, पात्रता की जांच, बैकग्राउंड चेक, धोखाधड़ी की रोकथाम और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए फीस में संशोधन जरूरी था। भारतीय निवेशकों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि EB-5 कार्यक्रम अमेरिका में परिवार समेत स्थायी निवास हासिल करने का एक प्रमुख निवेश-आधारित रास्ता रहा है। हालांकि, पहले से ही बड़ी निवेश राशि की जरूरत वाले इस कार्यक्रम में आवेदन फीस बढ़ने से कुल लागत और बढ़ जाएगी। नए शुल्क 30 नवंबर से लागू होने के बाद EB-5 प्रक्रिया में शामिल होने वाले निवेशकों को संशोधित फीस के हिसाब से भुगतान करना होगा।