चीन के प्रति वफादारी को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में टकराव
वॉशिंगटन, अमेरिकी कांग्रेस में चीन के बढ़ते प्रभाव और जासूसी गतिविधियों पर आयोजित एक सुनवाई उस समय तीखी बहस में बदल गई, जब भारतीय मूल के डेमोक्रेट लॉमेकर रो खन्ना ने एक गवाह पर चीनी मूल के अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण और नस्लभेदी सोच रखने का आरोप लगाया।;
वॉशिंगटन, अमेरिकी कांग्रेस में चीन के बढ़ते प्रभाव और जासूसी गतिविधियों पर आयोजित एक सुनवाई उस समय तीखी बहस में बदल गई, जब भारतीय मूल के डेमोक्रेट लॉमेकर रो खन्ना ने एक गवाह पर चीनी मूल के अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण और नस्लभेदी सोच रखने का आरोप लगाया।
यह विवाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की 'हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन द चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी' की बैठक के दौरान हुआ। सुनवाई में स्टेट आर्मर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल लुची गवाही दे रहे थे।
रो खन्ना ने उनसे सोशल मीडिया पर किए गए उनके पुराने बयान को लेकर सवाल पूछे, जिसमें उन्होंने अमेरिका के किसी क्षेत्र में जन्म लेने वाले लेकिन पूरी जिंदगी चीन में रहने वाले लोगों की जन्मसिद्ध नागरिकता की समीक्षा करने की बात कही थी।
रो खन्ना ने माइकल लुची से कहा, "मैं आपको अपना रिकॉर्ड सुधारने का मौका देना चाहता हूं। यह बयान बेहद संकीर्ण सोच और विदेशी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। क्या आप मानते हैं कि जन्मसिद्ध नागरिकता पाने वाले लाखों चीनी मूल के अमेरिकी नागरिकों की नागरिकता खत्म कर दी जानी चाहिए, या फिर आप सिर्फ नस्लभेदी हैं?"
इस पर माइकल लुची ने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान उन लोगों के लिए था, जो केवल अमेरिकी क्षेत्र में जन्म लेने के बाद तुरंत चीन लौट गए और पूरी जिंदगी वहीं रहे। उन्होंने कहा, "अगर किसी व्यक्ति का अमेरिका से केवल जन्म का संबंध है और उसके बाद उसका देश से लगभग कोई जुड़ाव नहीं है, तो ऐसे मामलों की समीक्षा पर विचार किया जा सकता है।"
रो खन्ना ने उनसे बार-बार पूछा कि क्या यह प्रस्ताव केवल चीन से जुड़े लोगों पर लागू होगा या दूसरे देशों के लोगों पर भी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता तय करेगी कि चीनी मूल के अमेरिकी नागरिकों की जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने की बात करने वाले व्यक्ति को नस्लभेदी माना जाए या नहीं।
माइकल लुची ने फिर से खुद का बचाव करते हुए कहा कि उनके अपने परिवार में आठ सदस्य हैं और उनमें केवल वही ऐसे हैं जिनकी चीनी मूल की पृष्ठभूमि नहीं है। उन्होंने कहा कि बहस का केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा होना चाहिए, न कि नस्लभेद के आरोप।
सुनवाई के दौरान 'एशियन अमेरिकन्स एडवांसिंग जस्टिस' के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक जॉन सी. यांग ने भी सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार से उत्पन्न सुरक्षा चुनौती वास्तविक है, लेकिन इसका समाधान जातीय पहचान के आधार पर संदेह पैदा करना नहीं होना चाहिए। जासूसी और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई केवल सबूतों और व्यक्ति के व्यवहार के आधार पर होनी चाहिए, न कि उसकी नस्ल या मूल के आधार पर।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापक और कठोर नीतियां अपनाई गईं तो इससे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रतिभाशाली छात्रों का अमेरिका आने का उत्साह कम हो सकता है।