पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर किए हवाई हमले

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन भंडारण स्थलों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर कथित हमले के बाद अमेरिका की कार्रवाई।;

Update: 2026-06-27 03:21 GMT

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर सटीक हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले के जवाब में की गई।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की रक्षा के उद्देश्य से अंजाम दिया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है।

CENTCOM का दावा- वाणिज्यिक जहाज पर हमले के बाद की कार्रवाई

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि 25 जून को ईरान ने 'एम/वी एवर लवली' नामक एक वाणिज्यिक जहाज पर ड्रोन से हमला किया था। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह हमला संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन था और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

बयान में कहा गया कि इसी घटना के बाद ईरान के उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां मिसाइल, ड्रोन और तटीय निगरानी प्रणाली मौजूद थीं। हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ाई गई सुरक्षा

अमेरिकी सेना ने बताया कि उसकी नौसेना और अन्य सैन्य इकाइयां होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार तैनात हैं। वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के लिए निगरानी और समन्वय बढ़ा दिया गया है।

सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और समुद्री व्यापार को बाधित होने से बचाने के लिए अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

क्षेत्रीय तनाव पर दुनिया की नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है और यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि का जवाब देने के लिए तैयार है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहा है।

Tags:    

Similar News