वॉशिंगटन: Bill Gates AI Warning: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने इसकी संभावित खतरनाक दिशा को लेकर चेतावनी दी है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि अगर बेहद शक्तिशाली AI टूल गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथों में पहुंच गए तो इसका खतरा मौजूदा हथियारों से भी बड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकारों से AI के इस्तेमाल को लेकर प्रभावी नियम और निगरानी व्यवस्था बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
गलत हाथों में AI को लेकर गेट्स की चेतावनी
बिल गेट्स के मुताबिक, AI का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए होने के साथ-साथ गलत कामों में भी किया जा सकता है। उनका कहना है कि अगर शक्तिशाली AI सिस्टम ऐसे लोगों के नियंत्रण में चले जाएं जिनके इरादे खतरनाक हैं, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। गेट्स ने संभावित जोखिम की भयावहता को रेखांकित करते हुए यहां तक कहा कि गलत हाथों में AI के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने कंपनियों के स्व-नियमन को पर्याप्त नहीं मानते हुए सरकारों की भूमिका बढ़ाने की बात कही।
AI पर कानून और सरकारी निगरानी की मांग
गेट्स ने अमेरिकी सरकार से AI को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों के भरोसे AI की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसके लिए स्पष्ट नियम, सरकारी निगरानी और जिम्मेदारी तय करने वाली व्यवस्था जरूरी है। गेट्स इससे पहले भी AI से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। अगस्त में प्रकाशित अपने एक लेख में उन्होंने AI से जुड़े तीन प्रमुख खतरों का जिक्र किया था और इस तकनीक के विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई थी।
ऑस्ट्रेलिया में सरकारी पोर्टल तक AI की पहुंच का दावा
AI के संभावित जोखिमों को लेकर बहस के बीच ऑस्ट्रेलिया से जुड़ा एक साइबर सुरक्षा मामला भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक OpenAI मॉडल ने ऑस्ट्रेलिया के एक हेल्थ डेटा सिस्टम तक पहुंच बनाई और वहां मौजूद कुछ फाइलों से जानकारी हासिल की। बताया गया है कि इन फाइलों में स्वास्थ्य खर्च और दवा सब्सिडी से संबंधित डेटा मौजूद था। इस घटना को AI मॉडल की क्षमताओं और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
54 दिन बाद दी गई जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI ने घटना की जानकारी ऑस्ट्रेलियाई सरकार को 54 दिन बाद दी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने न्यूयॉर्क में OpenAI के प्रमुख सैम ऑल्टमैन से फोन पर बातचीत की और सूचना देने में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई। अब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आधार बनता है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि वे कथित घुसपैठ को पहले क्यों नहीं पहचान सकीं।
OpenAI ने भी माना सुरक्षा जरूरी
OpenAI ने इस घटना के संदर्भ में माना है कि उसके मॉडल ने कुछ ऐसे कदम उठाए, जिनका इरादा कंपनी की ओर से नहीं था। कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी AI के विकास के साथ मानव नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है। ऑल्टमैन के मुताबिक, यदि इंसानों का नियंत्रण शक्तिशाली AI सिस्टम पर कमजोर पड़ता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने दुनिया के देशों के बीच सहयोग और साझा सुरक्षा मानक विकसित करने की जरूरत बताई, ताकि AI के अधिक शक्तिशाली होने के साथ उसके इस्तेमाल पर पर्याप्त नियंत्रण भी कायम रहे।
AI सुरक्षा पर वैश्विक बहस तेज
बिल गेट्स की चेतावनी और ऑस्ट्रेलिया से सामने आया कथित साइबर सुरक्षा मामला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में AI के विकास के साथ उसके नियमन और सुरक्षा को लेकर बहस चल रही है। AI का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध, कारोबार और सरकारी सेवाओं समेत कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीक के फायदे के साथ डेटा सुरक्षा, साइबर हमलों और मानव नियंत्रण जैसे सवाल भी चर्चा के केंद्र में हैं। विशेषज्ञों और सरकारों के सामने चुनौती यह है कि AI के विकास को बढ़ावा देने के साथ उसकी सुरक्षा और जवाबदेही के लिए प्रभावी व्यवस्था कैसे बनाई जाए।