नेपाल में बालेन शाह होंगे पहले मधेशी प्रधानमंत्री, पुराने दलों को किया खारिज, पीएम मोदी ने की बात

इस जीत के साथ ही काठमांडू के मेयर और लोकप्रिय नेता बालेंद्र (बालेन) शाह देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो वह नेपाल के पहले मधेशी प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

Update: 2026-03-09 16:10 GMT

काठमांडू: Nepal PM: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राजशाही के दौर के बाद से राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले पारंपरिक दलों और उनके दिग्गज नेताओं को इस बार के संसदीय चुनाव में बड़ा झटका लगा है। घोषित नतीजों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रतिनिधि सभा की अधिकांश सीटों पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ ही काठमांडू के मेयर और लोकप्रिय नेता बालेंद्र (बालेन) शाह देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो वह नेपाल के पहले मधेशी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। मधेशी समुदाय का भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार से रोटी-बेटी का गहरा रिश्ता माना जाता है, इसलिए इस चुनावी नतीजे को क्षेत्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत दर्ज करने वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह से बात की।

पीएम मोदी ने दी बधाई


नेपाल में शांतिपूर्ण और सफल चुनाव के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाली जनता को बधाई दी है। नेपाल के चुनावी नतीजों को दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां युवा नेतृत्व और नई राजनीति ने पारंपरिक दलों को चुनौती दी है। अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं, तो नेपाल की सत्ता में जल्द ही एक नई राजनीतिक धारा और नया नेतृत्व देखने को मिल सकता है।

आरएसपी का शानदार प्रदर्शन

नेपाल में 5 मार्च को हुए मतदान के बाद मतगणना लगातार जारी है और सोमवार सुबह तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई गई है। अब तक 165 में से 156 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 125 सीटें जीत ली हैं। यह प्रदर्शन नेपाल की राजनीति में किसी नए दल के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। खास बात यह है कि आरएसपी की इस सफलता में देश के युवाओं की बड़ी भूमिका बताई जा रही है। युवाओं ने भ्रष्टाचार और पारंपरिक राजनीति के खिलाफ मतदान कर इस पार्टी को समर्थन दिया है।

पारंपरिक दलों को बड़ा झटका

इस चुनाव में दशकों से राजनीति पर प्रभाव रखने वाले दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। अब तक घोषित परिणामों के अनुसार नेपाली कांग्रेस को केवल 17 सीटों पर जीत मिली है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने 7 सीटें जीती हैं और तीन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। एक अन्य कम्युनिस्ट धड़े ने भी 7 सीटें हासिल की हैं। श्रम शक्ति पार्टी को 3 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को 1 सीट पर जीत मिली है। इसके अलावा मियाग्दी-1 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार महावीर पुन ने जीत हासिल की है। उल्लेखनीय है कि आरएसपी ने इस सीट पर उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था।

आरएसपी का दबदबा

इस चुनाव में राजधानी क्षेत्र में आरएसपी का प्रदर्शन सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहा। काठमांडू घाटी के तीन जिलों की कुल 15 सीटों पर आरएसपी ने सभी सीटें जीत लीं। इन सीटों पर किसी भी अन्य दल को जीत नहीं मिली। विश्लेषकों के मुताबिक, शहरी युवाओं और नए मतदाताओं का झुकाव इस बार पारंपरिक दलों से हटकर नई राजनीति की ओर गया है।

दिग्गज नेताओं की हार


इस चुनाव में कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब बालेंद्र शाह ने चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लगभग 50 हजार मतों के अंतर से हरा दिया। इसी तरह आरएसपी की उम्मीदवार इंदिरा राना मगर ने भी बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने झापा-2 सीट पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के उम्मीदवार देवराज घिमिरे को 48,742 मतों के अंतर से हराया। वहीं, पत्रकार से राजनेता बने आरएसपी प्रमुख रवि लेमिछाने ने चितवन-2 सीट से बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। उन्होंने नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार मीना खरेल को लगभग 40 मतों के अंतर से हराया। इसके अलावा नेपाली कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गगन थापा भी धनुष्का-4 सीट से चुनाव हार गए। उन्हें आरएसपी के अमरेश सिंह ने पराजित किया।

कई बड़े नेता भी नहीं बचा पाए सीट

इस चुनाव में कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा। हारने वालों में शामिल हैं- नेपाली कांग्रेस के महासचिव गुरुराज घिमिरे, यूएमएल के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, महासचिव शंकर पोखरेल और अन्य कई वरिष्ठ नेता।  कुल मिलाकर अब तक के नतीजों में करीब 10 प्रमुख राजनीतिक चेहरे चुनाव हार चुके हैं, जो नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

अब तक घोषित परिणामों में 10 महिलाएं प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई हैं। इनमें से 9 महिलाएं आरएसपी से हैं, जबकि एक महिला नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में विजयी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम नेपाल की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत देता है।

प्रतिनिधि सभा की संरचना

नेपाल की संसद की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सीटों पर सीधे चुनाव के जरिए प्रतिनिधि चुने जाते हैं। जबकि 110 सीटों पर सदस्यों का चयन पार्टियों के अनुपात के आधार पर किया जाता है। मतगणना पूरी होने के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।


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