तेहरान/वॉशिंगटन । Masoud Pezeshkian Resignation: ईरान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ने कथित तौर पर सत्ता संरचना और निर्णय प्रक्रिया में अपनी भूमिका सीमित होने की बात कही है। हालांकि, इन दावों के सामने आने के तुरंत बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने ऐसी खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। इस्तीफे की अटकलों ने ऐसे समय जोर पकड़ा है जब ईरान क्षेत्रीय तनाव, सुरक्षा चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक वार्ताओं के दौर से गुजर रहा है।
मीडिया रिपोर्टों में क्या किया गया दावा?
ईरान इंटरनेशनल और कुछ अन्य विदेशी मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों में कहा गया कि राष्ट्रपति पेजेशकियान ने एक पत्र के माध्यम से सर्वोच्च नेता को अपना इस्तीफा भेजा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने लिखा है कि हाल के महीनों में सरकार की भूमिका कमजोर हुई है और प्रमुख फैसलों में निर्वाचित प्रशासन की भागीदारी कम हो गई है। इन रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति का मानना है कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव और संघर्ष के बाद देश की नीतिगत दिशा पर सैन्य नेतृत्व का प्रभाव बढ़ गया है। कथित तौर पर उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना कठिन हो गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक स्तर पर इन्हें स्वीकार नहीं किया गया है।
तत्काल पद छोड़ने की इच्छा जताने का दावा
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ने अपने कथित पत्र में तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। दावा किया गया कि उन्होंने शासन संचालन में सीमित भूमिका और निर्णय लेने की प्रक्रिया में कम भागीदारी को इस्तीफे का प्रमुख कारण बताया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा कोई पत्र वास्तव में भेजा गया है या नहीं। साथ ही यह भी सामने नहीं आया कि यदि कोई पत्र भेजा गया हो तो सर्वोच्च नेता के कार्यालय ने उस पर क्या रुख अपनाया है।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया बेबुनियाद
इस्तीफे की खबरें सामने आने के बाद ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने कहा कि राष्ट्रपति के इस्तीफे से जुड़ी खबरों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा प्रचारित किए जा रहे ऐसे दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, इन रिपोर्टों का उद्देश्य भ्रम फैलाना और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना है। तबातबाई ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान देश और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखेंगे।
एकता और स्थिरता पर दिया जोर
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी प्रतिक्रिया में राष्ट्रीय एकता और स्थिरता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ईरान चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है और देश की संस्थाएं अपने दायित्वों के अनुसार कार्य कर रही हैं। बयान में यह भी कहा गया कि बाहरी स्रोतों से फैलाए जा रहे दुष्प्रचार के जरिए ईरान की एकता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सरकार अपने कार्यों और नीतियों को पहले की तरह जारी रखेगी।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर दुनिया की नजर
इस राजनीतिक विवाद के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि दोनों देशों के बीच एक सकारात्मक समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। ट्रंप के अनुसार, बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अमेरिका अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि यदि अपेक्षित परिणाम नहीं मिले तो अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।