पिछले 24 घंटों में कोरोना के 5,355 मरीज ठीक हुए

 यह भारत के लिए गर्व की बात है कि इस समय जितने कोरोना मरीज चिकित्सकों की निगरानी में हैं लगभग उतने ही मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और देश में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर विश्व में सबसे कम

Update: 2020-06-05 19:02 GMT

नयी दिल्ली ।  यह भारत के लिए गर्व की बात है कि इस समय जितने कोरोना मरीज चिकित्सकों की निगरानी में हैं लगभग उतने ही मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और देश में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर विश्व में सबसे कम है।

पिछले 24 घंटों में कोरोना के कुल 5,355 मरीज ठीक हो गए हैं और अब तक 1,09,462 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इस समय कोरोना के 1,10,960 सक्रिय मामले हैं और मरीजों के ठीक होने की दर 48.27 प्रतिशत है।

देश में इस समय कोरोना मामलों की जांच में 507 सरकारी और 217 निजी प्रयोगशालाएं जुटी हुई हैं और पिछले 24 घंटों में 1,43,661 नमूनों की जांच की जा चुकी है और देश में अब तक 43,86,379 कोरोना जांच हो चुकी हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में इस समय 957 कोविड समर्पित अस्पताल हैं जिनमें 1,66,460 आइसोलेशन बिस्तर, 21,473 आईसीयू बिस्तर,72,497 ऑक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तर हैं। इसके अलावा 2362 डेडिकेटिड कोविड हेल्थ सेंटर हैं जिनमें 1,32,593 आइसोलेशन बिस्तर, 10,903 आईसीयू बिस्तर और 45,562 ऑक्सीजन सुविधा युक्त बिस्तर हैं। केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को 128.48 लाख एन-95 मॉस्क और 104.74 लाख पीपीई किट्स उपलब्ध करा दी हैं। देश में इस समय 11,210 क्वारंटीन केन्द्र हैं और 7,529 कोविड केयर सेंटर हैं जिनमें 7,03,786 बिस्तर उपलब्ध हैं

भारत में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 15 अप्रैल को 11.42 प्रतिशत, तीन मई को 26.59 प्रतिशत,18 मई को 38.29 प्रतिशत थी और इसके बाद इसमें सुधार होता गया और अब यह 48.27 प्रतिशत है।

विश्व के 14 देशों में जहां कोरोना के मामले अधिक देखे गये हैं उनकी आबादी भारत के बराबर ही है लेकिन उनमें भारत से 22.5 प्रतिशत अधिक कोरोना के मामले देखे गये हैं और मौतों का आंकड़ा भारत से 55.2 प्रतिशत अधिक है। अगर पूरे विश्व में मौतों का प्रतिशत देखा जाए तो विश्व में यह औसत 6.13 प्रतिशत है और भारत में इस समय 2.80 प्रतिशत है जो पूरे विश्व में सबसे कम है। अगर प्रति लाख आबादी के हिसाब से कोरोना मौतों का आंकड़ा देखा जाए तो पूरे विश्व में यह 4.9 प्रतिशत है लेकिन भारत में यह मात्र 0.41 प्रतिशत प्रति लाख है और बेल्जियम जैसे देश में यह दर 82.9 प्रतिशत प्रति लाख है।

आईसीएमआर ने पिछले दो माह से कोरोना परीक्षण की क्षमता बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया है और अब हर राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में कोरोना की परीक्षण सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। इस समय देश में 724 प्रयोगशालाएं कोरोना की जांच मे लगी हैं। मार्च माह में हमारी टेस्टिंग क्षमता 20 से 25 हजार प्रतिदिन की थी जो अब बढ़कर सवा लाख से अधिक प्रतिदिन हो गई है। सरकार अब कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट प्लेटफार्म का इस्तेमाल कोरोना की जांच के लिए कर रही है। यह तपेदिक के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और यह कोरोना के लिए कंफर्मेटरी टेस्ट है तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला स्तर के अस्पतालों में उपलब्ध है । इससे टेस्टिंग की क्षमता बढ़ गई है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें ‘बॉयो सेफ्टी’ की कोई अधिक जरूरत नहीं है।

इसके अलावा जीन एक्सपर्ट प्लेटफार्म से टेस्ट करने की प्रकिया भी शुरू कर दी गई है और इसके लिए नई मशीन भी आर्डर की गई है। यह भी जिला स्तर पर उपलब्ध है। देश में भारतीय आरएनए एक्सट्रेक्शन किट्स काफी संख्या में उपलब्ध हैं।

देश में कोरोना के संक्रमण का पता लगाने के लिए सीरो सर्वेक्षण किया जा रहा है और यह देश के 71 जिलों में जारी है।

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